लखनऊ – उत्तर प्रदेश के पूर्वी इलाके और पड़ोसी राज्य बिहार के गरीबों का निवाला रहा बाटी-चोखा अब बदलते जमाने में शाही लोगों का पसन्दीदा भोजन बनता जा रहा है। पुराने जानकार बताते हैं कि कभी प्रदेश के देवरिया, गोरखपुर, बलिया, मऊ, गाजीपुर, बस्ती, कुशीनगर समेत बिहार के सीवान, छपरा, गोपालगंज, पश्चिम चम्पारण आदि जिलों में बाटी चोखा गरीब तबके का मुख्य भोजन हुआ करता था।

बदलते समय में अब बाटी- चोखा एक ब्रांड बन चुका है। अब तो साधारण बाटी- चोखा शादी ब्याह की पार्टियों के साथ बड़े लोगों का शौकिया भोजन बनता जा रहा है। बदलते परिवेश में बाटी चोखा का स्वरूप भी बदलने लगा है। लोग इसे अब शाही विधि-विधान से बनवाने लगे हैं। बाटी- चोखा को गरीबों का मुख्य भोजन इसलिये भी कहा जाता था कि इसे गरीब लोग कहीं भी कण्डा की आग तैयार कर उस पर बाटी चोखा तैयार कर अपनी क्षुधा को शान्त कर लेते थे। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चन्द्रशेखर बाटी-चोखा के बहुत ही शौकीन थे। अब बाटी के साथ कई प्रकार के मिक्स चोखे के साथ देशी घी का प्रयोग भी शाही बाटी चोखे में होने लगा है।

बाटी-चोखा के शौकीन बताते हैं कि यह भोजन जहां स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से हितकर माना जाता है, वहीं यह सुपाच्य भी है। इसको बनाने के लिए गोबर के कण्डे को जलाकर आटे की लोई को गोल-गोल बनाकर आग की हल्की आंच पर सेंका जाता है और उसी आग मे आलू भूनकर चोखा तैयार करते हैं। इस सादे भोजन में न तो मसाले का प्रयोग होता है और न ही अधिक तेल आदि का। बाटी चोखे को पहले गरीब कम लागत में तैयार कर अपना निवाला बनाते थे। गरीब लोग आलू का चोखा नमक और मिर्च डालकर बनाते थे। अब तो बाटी चोखा शादी विवाह के भोजन में विशेष डिश बनता जा रहा है।

बाटी-चोखा के अब कई वैराइटी मौजूद हो गए हैं, जिनमें सादा, सत्तू भरा और पनीर की स्टफिंग वाला बाटी चोखा कई जगहों पर मिल जाता है। यदि आप अपने घर पर ही बेहतरीन बाटी-चोखा बनाना चाहते हैं तो सबसे पहले टमाटर को उबाल लें और उसके छिलके निकाल दें। अब बैगन को धो लें और पतले चाकू की सहायता से उसमें जगह-जगह छेद कर दें। उन छेदों में छिली हुई लहसुन की कलियां डाल दें। उसके बाद बैंगन को ओवन में मुलायम होने तक भून तक पका लें।

बैंगनों के भुनने के बाद उनका छिलका निकाल दें और उन्हें मैश कर लें। साथ ही उबले हुए आलू और टमाटर भी इसमें मिला लें और सारी चीजों को आपस में मिलाकर अच्छी तरह से मैश कर लें। अब इस मिश्रण में प्याज़, अदरक, हरी मिर्च, धनिया, नमक और सरसों का तेल डालें और अच्छी तरी से मैश कर लें। बाटी बनाने के लिए आटे को लेकर उसके मनचाहे आकार की लोई बना लें। लोई बनाने के बाद एक-एक लोई लें और उसमें दो चम्मच भरावन का मिश्रण भर कर उसे अच्छी तरह से बंद कर दे। अब ओवन को 200 डिग्री पर प्रीहीट कर लें।

इसके बाद बाटी-चोखा के स्वाद का आप अपने घर बैठे ही लुत्फ उठाइए। यह भोजन हफ्ते में एक बार जरुर करना चाहिए जिससे आपके पाचन के साथ कुछ अलग खाने का मन की जिज्ञासा की भी पूर्ती हो जाए।

( नोट – यह सभी तस्वीरें अमित सिंह पालीवाल के ब्लॉग से ली गईं हैं। )

रिपोर्ट – न्यूज नेटवर्क 24

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