खुफिया एजेंसियों ने भारत में अलर्ट जारी किया. दरअसल खुफिया एजेंसी के अनुसार एक आतंकवादी संगठन IS KP के प्रशिक्षित आतंकवादी भारत में धमाका कर सकते हैं. अफगान-पाकिस्तान में मौजूद आतंकी संगठन आलाकमान ने अपने भारत में मौजूद स्लीपर सेल से संपर्क साधा है.
भारत में मौजूद आतंकियों को IED बनाने और छोटे हथियार खरीदने के लिए फंड पहुंचाने का आश्वासन दिया गया है. वहीं खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक, आईएस के निशाने पर राइट विंग लीडर्स, धार्मिक स्थल, पश्चिमी देशों के ठिकाने और भीड़भाड़ वाले स्थान शामिल है, साथ ही वे विदेशियों को भी निशाना बना सकते हैं.
आंतकवादी संगठनों को मिलेगी मजबूती
वहीं दूसरी तरफ अमेरिका के अफगानिस्‍तान से जाने के बाद वहां पर आतंकवाद पनपने का खतरा बढ़ गया है. इसलिए वहां पर एक सरकार की बेहद सख्‍त जरूरत है. माना जाता है कि अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्जा होना पूरी विश्व की अशांति का कारण बन सकता है. अफगानिस्तान की सत्ता पर काबिज होने वाले तालिबान से पाकिस्तान से अच्छे संबंध हैं. जिससे कयास लगाया जा रहा है कि अब आतंकवादी संगठन जैश ए मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे खूंखार आंतकवादी संगठनों को मजबूती मिलेगी. कई एक्सपर्टों का कहना है कि भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवादी गतिविधियां बढ़ावा मिल सकता है. आतंकवाद को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है.
अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्जा
मालूम हो कि अफगानिस्तान पर 20 साल के बाद एक बार फिर तालिबान का कब्जा हो गया है. वहीं अमेरिका ने भी अपने सैनिकों को वहां से पूरी तरह निकाल लिया है. अमेरिका ने अपने सैनिकों की वापसी, अमेरिकी नागरिकों और अफगान नागरिकों को वहां से निकालने के लिए सैन्य मिशन खत्न करने की भी घोषणा कर दी. 31 अगस्त को काबुल हवाईअड्डे से देर रात तीन बजकर 29 मिनट (ईस्टर्न टाइम ज़ोन) पर आखिरी विमानों ने उड़ान भरी.

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