सपा सरकार में हुए खनन घोटाले में शनिवार को सीबीआई ने अपनी तेज-तर्रार छवि के लिए प्रसिद्ध चर्चित आईएएस बी. चंद्रकला के लखनऊ स्थित आवास पर छापेमारी की। इसके अलावा, सीबीआई ने हमीरपुर, कानपुर समेत प्रदेश भर में 12 ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान सीबीआई को भारी अनियमितताओं का पता चलने का दावा किया जा रहा है। साथ ही कई खनन ठेकेदारों और मौरंग व्यापारियों के घरों पर भी छापे मारे गए हैं।

बता दें कि सीबीआई ने हाईकोर्ट के आदेश पर सपा सरकार में हुए खनन घोटाले की जांच शुरू की थी। इस मामले में सीबीआई ने पांच एफआईआर दर्ज कर मुख्य रूप से बांदा, हमीरपुर, बुलंदशहर आदि जिलों में दिए गए खनन के पट्टों की जांच कर रही है। सीबीआई अधिकारियों के मुताबिक, जांच के दौरान पता चला कि कई जिलों में मनमाने ढंग से खनन के पट्टे दिए गए। इसमें मुख्य रूप से हमीरपुर में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी पाई गई।

सीबीआई प्रवक्ता के मुताबिक, यह कार्रवाई हमीरपुर में डीएम रहने के दौरान खनन घोटाले में चर्चित आईएएस बी. चंद्रकला का नाम सामने आने पर की गई है। सीबीआई की टीम सुबह 7.00 बजे लखनऊ में आईएएस चंद्रकला के माल एवेन्यू के सफायर कोर्ट स्थित फ़्लैट नंबर -101 पर छापेमारी की। टीम ने पूरा घर खंगाल डाला। इसके साथ ही हमीरपुर में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संजय दीक्षित और सपा एमएलसी रमेश मिश्र के आवासों और हमीरपुर के मौरंग ठेकेदारों के उरई स्थित आवासों पर भी एक साथ छापे मारे गए।

बी. चंद्रकला तेलंगाना जिले के एल्लारेड्डली मंडल करीमनगर पाली गांव में 1979 में जन्मी थी। सोशल मीडिया पर सक्रिय और चर्चा में रहने वाली आदिवासी महिला आईएएस बी.चंद्रकला 2008 के यूपी के आईएएस ऑफिसर बैच के कैडर से हैं। उन्होंने सिविल सर्विस एग्जाम में 409वीं रैंक हासिल की थी. चंद्रकला एक बेटी की मां हैं। उनके पति रामौलू बतौर डिप्टी एग्जिक्यूटिव इंजीनियर हैं।

चंद्रकला की पोस्टिंग हमीरपुर जिले में पहली बार अखिलेश यादव की सरकार में जिलाधिकारी के पद पर हुई। उन पर आरोप है कि उन्होंने जुलाई 2012 के बाद हमीरपुर जिले में 50 मौरंग के खनन के पट्टे किए। ई-टेंडर के जरिए इन मौरंग के पट्टों पर स्वीकृति देने का प्रावधान था, लेकिन चन्द्रकला ने सारे प्रावधानों की अनदेखी की।

चंद्रकला के खिलाफ जनवरी 2017 में भारतीय जनता पार्टी ने मोर्चा खोल दिया था, जिसमें बीजेपी की मांग थी कि इनका फौरन ट्रांसफर किया जाए। उन पर भाजपा के कार्यक्रमों को प्रभावित करने और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता के रूप में काम करने का आरोप था। बीजेपी का यह भी आरोप था कि सोशल मीडिया और मीडिया से सुर्खियां बटोरने की आदी हो चुकीं डीएम सपा कार्यकर्ता के रूप में काम कर रही हैं और भाजपा के कार्यकर्ताओं और कार्यक्रमों को प्रभावित कर रही हैं।

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.