मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि केंद्र और राज्य सरकार कृषि व किसान कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह बात बुधवार को हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लि. (एचयूआरएल) के सीडिंग कार्यक्रम के तहत आरसीएफ यूरिया उर्वरक रैक के गोरखपुर आने पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से अपने विचार व्यक्त कर रहे थे।मुख्यमंत्री ने कहा कि हिंदुस्तान उर्वरक और रसायन लि. गोरखपुर संयंत्र में अगले वर्ष उत्पादन शुरू होने से इन क्षेत्रों में किसानों को न सिर्फ यूरिया खाद मिलेगी, बल्कि उन्हें कृषि जागरूकता संबंधी जानकारी भी मिलेगी। इतना ही नहीं यूरिया के क्षेत्र में देश को आत्म-निर्भर बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

उन्होंने बधाई देते हुए कहा कि यह कार्यक्रम गोरखपुर के खाद कारखाने के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। सीडिंग कार्यक्रम के तहत गोरखपुर एचयूआरएल द्वारा यूरिया की बिक्री की जाएगी। एक साल के अंदर वर्ष 2021 में एचयूआरएल गोरखपुर उर्वरक संयंत्र शुरू होने की उम्मीद है। इससे यहां बनने वाली यूरिया किसानों को उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही किसानों को कृषि सलाह, फसल संरक्षण, मौसम की जानकारी, आधुनिक तकनीक, जैविक खेती, फसल चक्र आदि की जानकारी भी मिलेगी।

उन्होंने कहा कि एचयूआरएल द्वारा गोरखपुर यूपी, बरौनी बिहार और सिंदरी झारखंड में पूर्व काल की यूरिया उत्पादन की तीन इकाइयों का पुनर्निर्माण किया जा रहा है। गोरखपुर का खाद संयंत्र जून 1990 में बंद हो गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 साल बाद जुलाई 2016 में इसके पुनर्निर्माण की आधारशिला रखी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी से जूझने के बावजूद एचयूआरएल द्वारा निर्माण कार्य को जारी रखा जा रहा है। एचयूआरएल के एमडी अरुण कुमार गुप्ता ने कंपनी बताया कि कोविड-19 की परिस्थितियों में भी सभी सावधानियां बरतते हुए गोरखपुर प्लांट का निर्माण कार्य चल रहा है।

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