केंद्रीय मंत्री नारायण राणे (Union Minister Narayan Rane) हिरासत में लिए गए. गिरफ्तारी से पूर्व जमानत की अर्जी नामंजूर हो गई. रत्नागिरि कोर्ट ने जमानत अर्जी ठुकरा दी . इससे पहले रत्नागिरि पुलिस अधीक्षक नारायण राणे से मिलने पहुंचे. कागजी कार्रवाई की और नारायण राणे को हिरासत में लिया गया. नारायण राणे को अब रत्नागिरि कोर्ट में पेश किया जाएगा.
लेकिन इसी बीच नारायण राणे की तबीयत खराब हो गई. उन्हें लेकर पुलिस अस्पताल ले गई. हिरासत में लेने से पहले डॉक्टरों ने उनकी मेडिकल जांच की तो बीपी और शुगर बढ़ा हुआ पाया गया. पुलिस नारायण राणे को लेकर नासिक की ओर चली गई. इससे पहले रत्नागिरि के एसपी ने मंत्री अनिल परब को फोन कर उनसे पूछा कि नारायण राणे पूछ रहे हैं कि अरेस्ट वारंट कहां हैं? अनिल परब ने जवाब में कहा कि मैंने डीजीपी से बात की है. अरेस्ट करने के लिए कौन सा ऑर्डर लेने की जरूरत होती है?
राणे के सहयोगी प्रमोद जाठार ने इस मौके पर मीडिया से बात करते हुए कहा कि पुलिस के पास अरेस्ट वारंट भी नहीं है. और केंद्रीय मंत्री नारायण राणे को गिरफ्तार करने पहुंच गई है. एसपी बार-बार बोल रहे हैं कि मुझे पांच मिनट में अरेस्ट करने को कहा है. मेरे ऊपर बहुत दबाव है. मैंने उनसे बार-बार पूछा कि कौन सा दबाव है, यह तो बताओ. राणे के सहयोगी का कहना है कि उन्होंने एसपी से कहा कि नारायण राणे एक केंद्रीय मंत्री हैं. इसका एक प्रोटोकॉल होता है. हमने हाईकोर्ट में अपील की है. वहां एंटिसिपेटरी बेल के लिए अपील की है. हमें अरेस्ट वारंट दिखाइए नारायण राणे खुद जाकर गाड़ी में बैठ जाएंगे. महाराष्ट्र में कानून का राज है या गुंडाराज?
नारायण राणे ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (CM Uddhav Thackeray) पर आपत्तिजनक बयान दिया था. सीएम उद्धव ठाकरे के स्वतंत्रता दिवस के भाषण का जिक्र करते हुए राणे ने कहा था कि मुख्यमंत्री को याद नहीं था कि देश की आजादी के कितने साल हो गए. वे पीछे मुड़ कर पूछ रहे थे. मैं वहां मौजूद होता तो उनके कान के नीचे थप्पड़ लगाता.
नासिक पुलिस आयुक्त के आदेश से हुई गिरफ्तारी
बता दें कि नासिक पुलिस आयुक्त दीपक पांड्ये ने उनको गिरफ्तार करने का आदेश दिया था. उन्होंने रत्नागिरि पुलिस से आग्रह किया था कि वे नारायण राणे को अरेस्ट करे. रत्नागिरी पुलिस अधीक्षक द्वारा की गई इस कार्रवाई के वक्त पुलिस की बंदोबस्ती बढ़ा दी गई. संगमेश्वर में नारायण राणे को गिरफ्तार किया गया है.
बॉम्बे हाईकोर्ट ने भी तुरंत सुनवाई करने से किया इनकार
बता दें कि नारायण राणे अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट चले गए थे. लेकिन बॉम्बे हाईकोर्ट ने भी तुरंत सुनवाई करने से इनकार कर दिया. रत्नागिरि पुलिस द्वारा गिरफ्तार गया है.इससे पहले नारायण राणे के खिलाफ नासिक, पुणे सहित चार जगहों पर केस दर्ज किया गया था.

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