जेएनयू  छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष और सीपीआइ नेता कन्हैया कुमार और गुजरात के निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवाणी आज यानी मंगलवार को कांग्रेस में शामिल हो गए हैं. इस दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी मौजूद रहे. राहुल गांधी ने खुद दोनों नेताओं को कांग्रेस की सदस्यता दिलाई है. इससे पहले दिल्ली में शहीद-ए-आजम भगत सिंह पार्क में कन्हैया कुमार और जिग्नेश मेवाणी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात की.  इस दौरान तीनों नेता एकजुटता दर्शाते हुए एक दूसरे का हाथ थामे नजर आए.

देश कांग्रेस के बिना नहीं रह सकता- कन्हैया कुमार
दोनों नेताओं के पार्टी में शामिल होने के बाद अब कांग्रेस की तरफ से प्रेस कॉन्फ्रेंस की जा रही है. इस दौरान कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ”इन्होंने(कन्हैया कुमार और जिग्नेश मेवाणी) लगातार मोदी सरकार और हिटलरशाही की नीति के खिलाफ संघर्ष किया. हमारे इन साथियों को लगा कि ये आवाज़ और बुलंद हो पाएगी जब ये कांग्रेस और राहुल गांधी की आवाज़ में मिलकर एक और एक ग्यारह की आवाज़ बन जाएगी.”
वहीं कन्हैया कुमार ने कहा, ” मैं कांग्रेस में शामिल हो रहा हूं क्योंकि यह सिर्फ एक पार्टी नहीं है, यह एक विचार है. यह देश की सबसे पुरानी और सबसे लोकतांत्रिक पार्टी है, और मैं ‘लोकतांत्रिक’ पर जोर दे रहा हूं .  मैं ही नहीं कई लोग सोचते हैं कि देश कांग्रेस के बिना नहीं रह सकता.”
वहीं नई दिल्ली के कांग्रेस मुख्यालय में कन्हैया कुमार के लिए स्वागत पोस्टर लगाए गए हैं जिसमें उन्हें पार्टी में शामिल होने पर बधाई दी जा रही है. पोस्टर में कन्हैया कुमार राहुल गांधी के साथ नजर आ रहे हैं. अब जब कन्हैया कुमार और जिग्नेश मेवाणी कांग्रेस में शामिल हो गए हैं होंगे तो दोनों नेताओं पर बड़ी जिम्मेदारी होगी कांग्रेस की खोई जमीन को वापस दिलाने की. माना ये भी जा रहा है कि बिहार में कन्हैया को और गुजरात में जिग्नेश को कांग्रेस में बड़ा पद दिया जा सकता है. वहीं आने वाले दिनों में कुछ और युवा नेता भी पार्टी में शामिल होने वाले हैं.
पिछले काफी समय से कांग्रेस नेतृत्व के संपर्क में थे दोनों नेता
जानकारी के अनुसार पिछले काफी समय से दोनों नेता कांग्रेस नेतृत्व के संपर्क में थे. हालहीं में कन्हैया कुमार ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात की थी. वहीं जिग्नेश मेवाणी भी कांग्रेस नेतृत्व के संपर्क में थे. कांग्रेस ने पिछले विधानसभा चुनाव में उत्तरी गुजरात के बनासकांठा जिले की वडगाम सीट से उम्मीदवार नहीं उतारकर जिग्नेश की मदद की थी.
पिछले दो सालों में कई युवा नेताओं ने कांग्रेस का हाथ छोड़ दिया है. इसमें ज्योतिरादित्य सिंधिया, सुष्मिता देव, जितिन प्रसाद और प्रियंका चतुर्वेदी का नाम शामिल है. कन्हैया और जिग्नेश अगर अगर कांग्रेस में शामिल होते हैं, तो पार्टी उन्हें उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र में प्रचार के लिए भी इस्तेमाल कर सकती है. क्योंकि सपा-बसपा ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे आगामी विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस के साथ हाथ नहीं मिलाएंगे, पार्टी अपने दम पर चुनाव लड़ेगी.

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.