भाजपा भले ही इन दिनो अपनों से जूझ रही हो लेकिन उसने कांग्रेस को घेरने की पूरी तैयारी कर ली है। मॉनसून सत्र में सरकार को घेरने की रणनीति पर रविवार को बीजेपी संसदीय दल के शीर्ष नेताओं ने बैठक कीण् पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के आवास पर हुई इस बैठक में महंगाई और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की योजना तैयार की गईण्

सोमवार से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र में फूड सिक्यूरिटी बिलए भूमि अधिग्रहण बिलए रिटेल एफडीआई जैसे मुद्दों पर बीजेपी का आक्रामक रुख रहेग इसके अलावा तेलंगाना का मुद्दा भी उठाया जाएगाण् साथ ही बीजपी की कोलगेट स्कैम पर भी सरकार को घेरने की कोशिश होगीण्

बीजेपी ने मांग की है कि सत्र की शुरूआत में ही अलग तेलंगाना राज्य गठन संबंधी प्रस्ताव लाया जाएण् पार्टी ने मानसून सत्र में उत्तराखंड में आई आपदाए सीबीआई बनाम आईबी कलहए एफडीआईए रुपये के अवमूल्यन और देश की अर्थव्यवस्था की स्थिति आदि विषयों पर चर्चा कराने के नोटिस दिए हैंण्

ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस ने भी आक्रामक तेवर दिखाते हुए कहा है कि सरकार को पहले यह आश्वासन देना होगा कि तेलंगाना के बाद किसी अन्य नए राज्य के गठन पर विचार नहीं होगाण् वह यह आश्वासन चाहती है कि कांग्रेस के नेता पश्चिम बंगाल में ष्गोरखालैंडष् की मांग को हवा नहीं देंण् सरकार को बाहर से समर्थन दे रही सपा ने भी खाद्य सुरक्षा विधेयक पर कड़ा रूख अख्तियार करते हुए कहा है कि अगर इसमें से ष्किसान विरोधीष् बातों को नहीं निकाला गया तो सत्र सुचारू रूप से चल पाना मुश्किल होगाण्

द्रमुक और तृणमूल सहित कई दलों ने विधायिका के कामकाज में न्यायपालिका के हस्तक्षेप के मुद्दे पर इस सत्र के दौरान गंभीर चर्चा कराने की मांग की हैण् इन दलों का कहना है कि न्यायाधीश नियुक्ति विधेयक पर फैसला होना चाहिए और उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों के अधिकारों पर चर्चा की आवश्यकता हैण्

उधर सरकार ने आश्वासन दिया है कि वह विपक्ष को आंदोलित करने वाले विषयों का सम्मान करेगीण् मानसून सत्र में विचार के लिए 44 विधेयक रखे जाने हैंए 6 वापस लिए जाने हैं और 14 अन्य पेश किए जाने हैंण् लेकिन सत्र में केवल 16 बैठकें होनी हैंण् ऐसे में इतने सारे विधायी कार्यों को निपटाना असंभव सा हैण् अधिकतर राजनीतिक दलों द्वारा 5 से 30 अगस्त तक चलने वाले सत्र को बहुत ही कम बताए जाने पर सरकार ने आश्वासन दिया है कि अगर आवश्यकता पड़ी तो इसे और बढ़ाया जा सकता हैण्

संसदीय कार्य मंत्री कमलनाथ ने आश्वासन दिया है कि अगर जरूर हुआ तो सभी विषयों को समाहित करने के लिए सत्र की अवधि बढ़ाई जा सकती हैण् कमलनाथ ने इस बात से भी इनकार किया कि मानसून सत्र संसद का अंतिम सत्र होगा और देश निर्धारित समय से पहले चुनावों की ओर बढ रहा हैण् उन्होंने कहा कि इसके बाद दो और यानी शीतकालीन और बजट सत्र भी होंगेण्

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पिछले दो.तीन सत्रों में काफी समय बर्बाद होने पर अफसोस जताते हुए विपक्षी दलों से अपील की है कि वे अत्यंत महत्वपूर्ण खाद्य सुरक्षा विधेयक सहित विधायी कार्यों में सहयोग करेंण् बदले में उन्होंने विपक्ष द्वारा उठाये जाने वाले सभी मुद्दों पर चर्चा का वायदा किया हैण्
द्वद्बह्य6द्मद्म स्रह्य श्च4ह्म्ह्य स्रद्मद्भ[द्मद्मह्वह्य द्बद्भ ह्म्द्म4द्मष्ड्डठ्ठद्ध स्रह्य 1द्मद्यद्मद्भ

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