लखनऊ। कानपुर कांड के मुख्य आरोपित विकास दुबे की बढ़ी हैसियत से लेकर पुलिस व अन्य विभागों के अधिकारियों व कर्मियों की उससे संलिप्तता की जांच में जुटे विशेष जांच दल (एसआईटी) के लिए कॉल डिटेल रिकार्ड (सीडीआर) की पड़ताल सबसे अहम होगी। खासकर विकास दुबे की सीडीआर से एसआईटी उसके खास मददगारों तक पहुंच सकती है। अपर मुख्य सचिव संजय भूसरेड्डी की अध्यक्षता में गठित एसआईटी ने अपनी जांच के कदम बढ़ाने शुरू कर दिए हैं। हालांकि अभी उसे कानपुर नगर व कानपुर देहात के डीएम-एसपी से कुछ खास बिंदुओं पर ब्योरे का इंतजार है।

विशेष जांच दल ने कानपुर नगर व कानपुर देहात के डीएम से विकास दुबे व उसके गिरोह द्वारा सरकारी जमीनों पर किए गए कब्जों व विवादों का ब्योरा मांगा है। इसके साथ ही कानपुर के चौबेपुर व शिवली थानों में तैनात रहे एसओ व अन्य पुलिसकर्मियों के नाम, मोबाइल नंबर व वर्तमान तैनाती का ब्योरा भी जुटाया जा रहा है। वर्ष 2001 से चौबेपुर थाने में तैनात रहे थानेदार खासकर एसआईटी की जांच के घेरे में होंगे।

ऐसे कई बिंदुओं पर विशेष जांच दल एक-एक कर सभी जानकारियां जुटा रही है। बताया गया कि विकास दुबे के फर्जी पासपोर्ट के जरिए विदेश यात्राएं करने की बात भी सामने आई है। ऐसे में एसआईटी विकास दुबे के पासपोर्ट के बाबत लखनऊ व कानपुर पासपोर्ट आफिस से जानकारी भी जुटाएगी। हालांकि अब तक विकास दुबे के पासपोर्ट को लेकर तस्वीर पूरी तरह से साफ नहीं हो सकी है।

एसआइटी ने बापू भवन में बनाया ठिकाना

चीनी उद्योग व गन्ना विकास तथा आबकारी विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय भूसरेड्डी ने बताया कि विशेष जांच दल जांच की कार्रवाई उनके बापू भवन के चतुर्थ तल पर कमरा नंबर 401 स्थित कार्यालय से होगी। कोई भी व्यक्ति, जनप्रतिनिधि अथवा संगठन घटना से जुड़ा कोई अभिलेख, कथन व साक्ष्य पत्र के जरिए उनके कार्यालय में उपलब्ध करा सकता है। ई-मेल [email protected] के जरिए तथा फोन नंबर 0522-2214540 पर भी जानकारियां साझा की जा सकती हैं।

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