नई दिल्ली । एयरसेल मैक्सिस केस में प्रवर्तन निदेशालय ने आज सप्लीमेंट्री चार्जशीट फाइल की। इस चार्जशीट में 9 लोगों को आरोपी बनाया गया है जिनमें पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम का नाम भी शामिल है। चार्जशीट में कहा गया है कि अवैध एफआईपीबी पी चिदंबरम की तरफ से मंजूर किया गया था। पटियाला हाउस कोर्ट ने चार्जशीट पर विचार के लिए 26 नवंबर की तारीख तय की है। प्रवर्तन निदेशालय द्वारा पटियाला हाउस कोर्ट में दायर चार्जशीट में पी. चिदंबरम के अलावा बाकी 9 आरोपियों के बारे में विस्तार से जिक्र है।

उधर, आइएनएक्स मीडिया मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने पी. चिदंबरम की गिरफ्तारी पर लगी रोक को 29 नवंबर तक के लिए बढ़ा दिया है। इस मामले में सुनवाई इसलिए भी जरूरी थी क्योंकि पी. चिदंबरम की गिरफ्तारी पर लगी रोक 25 अक्टूबर यानी बृहस्पतिवार को खत्म हो रही थी। इससे पहले कोर्ट में पी. चिदंबरम की तरफ से अग्रिम जमानत याचिका की अर्जी लगाई गई थी, जिस पर कोर्ट पी. चिदंबरम को प्रोटेक्शन देते हुए गिरफ्तारी पर रोक को हर सुनवाई पर आगे बढ़ाता रहा है। ईडी पी. चिदंबरम की ज़मानत अर्जी का कोर्ट में पिछली कुछ सुनवाई के दौरान विरोध करता रहा है।

दरअसल चिदंबरम पर आरोप लगाए गए कि जब वह वित्त मंत्री थे तब 2006 में अवैध तरीके से एयरसेल-मैक्सिस करार को विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की मंजूरी दी थी, जबकि इस तरह की मंजूरी आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी के माध्यम से मिलनी चाहिए थी। वित्त मंत्री को केवल 600 करोड़ तक के निवेश को मंजूरी देने का अधिकार था लेकिन उन्होंने 3500 करोड़ के निवेश को मंजूरी दे दी। इतने बड़े मामले को आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी से मंजूरी मिलनी चाहिए थी।

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