उन्नाव रेप केस में सुप्रीम कोर्ट ने सभी केसों को उत्तर प्रदेश से दिल्ली ट्रांसफर करने का आदेश दिया है। देश की सर्वोच्च अदालत के मुख्य न्यायाधीश ने इस मामले में अब तक हुई जांच और रायबरेली में इसी हफ्ते हुई सड़क दुर्घटना को लेकर पूरी जानकारी मांगी है। कोर्ट ने कहा है कि आज आज दोपहर 12 बजे तक उसे सारी जानकारियों से अवगत किया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए सॉलिसिटर जनरल और सीबीआई अधिकारी को मौजूद रहने का फरमान सुनाया है। बुधवार को सीजेआई ने पत्र उनके समक्ष अब तक पेश नहीं किए जाने पर नाराजगी जताई थी। उन्हें इस संबंध में न्यायालय के महासचिव से रिपोर्ट मांगी है।

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने बुधवार को कहा था कि ‘दुर्भाग्यवश यह पत्र अभी तक सामने नहीं आया है, लेकिन खबरें ऐसे प्रकाशित हुई हैं मानो मैंने इस पत्र को पढ़ लिया है।’ उनकी पीठ ने कहा, ‘हम इस अत्यधिक विस्फोटक स्थिति के बारे में कुछ करेंगे।’ मुख्य न्यायाधीश की पीठ ने इस मामले को गुरुवार के लिए सूचीबद्ध करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार को पीड़िता से संबंधित दुर्घटना के बारे में प्रगति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया।

पीठ ने ये टिप्पणियां उस वक्त कीं जब बच्चों से बलात्कार की बढ़ती घटनाओं के मामले में न्यायमित्र की भूमिका निभा रहे वरिष्ठ अधिवक्ता वी. गिरि ने उन्नाव बलात्कार प्रकरण को सुनवाई के लिए शीघ्र सूचीबद्ध करने का आग्रह किया।

पीड़िता और उसके परिवार के दो सदस्यों द्वारा लिखा गया यह पत्र 12 जुलाई का है और इसकी प्रति इलाहाबाद उच्च न्यायालय और उत्तर प्रदेश सरकार के अन्य प्राधिकारियों को भेजा गया था। मुख्य न्यायाधीश को भेजे गए पत्र में दावा किया गया है कि 7-8 जुलाई को भाजपा विधायक सेंगर से कथित रूप से संबंध रखने वाले कुछ व्यक्तियों ने पीड़िता के परिवार को गंभीर परिणामों की चेतावनी दी थी।

डॉक्टरों का कहना है कि पीड़िता की स्थिति में बुधवार को थोड़ा सुधार हुआ लेकिन वह बेहोश ही रही और उसे वेंटीलेटर पर रखा गया है। महिला के परिवार ने इस कार दुर्घटना के पीछे साजिश का आरोप लगाते हुये शिकायत दर्ज करायी है। बलात्कार पीड़ित और उसके परिवार के दो सदस्यों द्वारा लिखा गया यह पत्र 12 जुलाई का है और इसे इलाहाबाद उच्च न्यायालय और उत्तर प्रदेश सरकार के अन्य प्राधिकारियों को भेजा गया था। प्रधान न्यायाधीश को भेजे गये पत्र में दावा किया गया है कि 7-8 जुलाई को भाजपा विधायक सेंगर से कथित रूप से संबंध रखने वाले कुछ व्यक्तियों ने पीड़ित के परिवार को गंभीर परिणामों की चेतावनी दी थी।

पत्र पर पीड़ित, उसकी मां और चाची के हस्ताक्षर हैं। पत्र के अनुसार सात जुलाई को बलात्कार मामले में एक आरोपी के बेटे नवीन सिंह, शशि सिंह, मनोज सिंह, (एक अन्य आरोपी कुलदीप सिंह के भाई) और कन्नू मिश्रा उनके घर आये थे और उन्हें धमकी दी थी। इसके अगले दिन एक अन्य व्यक्ति भी उनके घर आया था। पीड़ित और उसके परिवार ने कहा कि पत्र के साथ उस कार का वीडियो भी संलग्न किया गया था जिसमें ये लोग उनके घर आये थे। पत्र में उन्हें धमकी देने वाले व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।

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