जिला जेल के कैदियों ने बुधवार देर शाम सुरक्षाकर्मियों व अधिकारियों पर हमला बोल दिया। बैरक बंद करते समय ईंट पत्थर से किए गए हमले में डिप्टी जेलर समेत 10 सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। वहीं, पथराव में एक दर्जन कैदियों को भी चोटें आई हैं। कैदियों के हमले की सूचना पर जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पुलिस व प्रशासनिक अफसर जेल पहुंचे और हालात जायजा लिया। सुरक्षा के मद्देनजर जेल गेट पर पीएसी तैनात कर दी गई है।
जिला जेल में बुधवार देर शाम 6 बजे कैदियों को उनकी बैरकों में भेजा जा रहा था। थोड़ी देर और बाहर रुकने की बात कहने पर आगरा से आए कैदी मुन्ना खालिद व कानपुर के मोनू पहाड़ी ने अन्य कैदियों के साथ मिलकर सुरक्षाकर्मियों पर हमला बोल दिया। पहले से हमले को तैयार एक दर्जन कैदियों ने जेल परिसर में पड़े ईंट पत्थर बरसाने लगे। हमला होते देख डिप्टी जेलर जगदीश प्रसाद मौके पर पहुंच गए। उनके ऊपर भी पथराव कर दिया गया। आधे घंटे तक कैदियों का बवाल चलता रहा। डिप्टी जेलर जगदीश प्रसाद, हेडवार्डन पुरुषोत्तम, लंबरदार छुन्ना के अलावा करीब 10 सुरक्षाकर्मियों को चोटें आई हैं। जबकि 10-12 कैदी भी घायल हो गए। छुन्ना को जिला अस्पताल व डिप्टी जेलर और अन्य को जेल अस्पताल में भर्ती कराया गया। कैदियों के बवाल करने की जानकारी पर एसएसपी आकाश तोमर, एडीएम, एसडीएम व सीओ वैभव पांडेय के अलावा भारी संख्या में पुलिस व पीएसी बल जिला जेल पहुंच गया। पुलिस बल के पहुंचने पर कैदियों को काबू में किया गया। जेल अधीक्षक राजकिशोर सिंह ने बताया कि सभी उपद्रवियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।

बैरक बंद करते समय कैदियों ने सुरक्षाकर्मियों पर हमला कर दिया था। डिप्टी जेलर समेत कुछ लोग घायल हुए हैं। हमला करने वाले मुन्ना खालिद व मोनू पहाड़ी जब से जेल में आए तभी से उपद्रव करने की फिराक में थे। ये जेल में अपना वर्चस्त स्थापित करना चाहते थे। इनकी मंशा पूरी नहीं हुई तो हमला कर दिया। अब स्थिति काबू में है।
– राज किशोर सिंह, जेल अधीक्षक, इटावा।

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