टोक्यो पैरालिंपिक्स (Tokyo Paralympics) में भारत के गोल्ड मेडल (Gold Medal) का खाता खुल चुका है. ये खाता खोला है भारत की महिला निशानेबाज अवनि लेखरा (Avani Lekhara) ने, जिन्होंने 10 मीटर एयर स्टैंडिंग में पैरालिंपिक्स रिकॉर्ड बनाते हुए देश के लिए सुनहरी जीत दर्ज की. अवनि लेखारा ने फाइनल में 249.6 पॉइंट हासिल किए, जो कि पैरालिंपिक्स खेलों के इतिहास का नया रिकॉर्ड है. अवनि को फाइनल में चीन की निशानेबाज ने कड़ी टक्कर दी. लेकिन फिर उन्होंने अपने अचूक निशाने से उन्हें हरा दिया. चीन की महिला शूटर झांग 248.9 अंक के साथ दूसरे नंबर पर रहीं और उन्होंने सिल्वर मेडल जीता.
अवनि लेखरा जब 11 साल की थीं तभी वो एक रोड एक्सीडेंट का शिकार हो गई. इस एक्सीडेंट में उन्हें स्पाइनल कोर्ड इंजरी हो गई, जिसके चलते वो पैरालाइज हो गईं. राजस्थान के जयपुर से ताल्कुक रखने वाले अवनि की वर्ल्ड रैंकिंग महिलाओं के 10 मीटर एयर स्टैंडिंग निशानेबाजी के SH1 इवेंट में 5वीं है. पारा स्पोर्ट्स में उतरने के लिए अवनि का हौसला उनके पिता ने बढ़ाया था. उन्होंने शूटिंग और आर्चरी दोनों में अपने हाथ आजमाए. लेकिन अंत में शूटिंग को अपना करियर बनाया. अवनि के बीजिंग ओलिंपिक्स के गोल्ड मेडलिस्ट निशानेबाज अभिनव बिंद्रा को अपना आदर्श मानती हैं.
पहले ही पैरालिंपिक्स में छाईं अवनि लखेरा
ये पहली बार था जब अवनि पैरालिंपिक्स के शूटिंग रेंज में निशाना साधने उतरी थी. और, अपने पहले ही प्रयास में उन्होंने बता दिया कि वो यहां कोई अनुभव बटोरने नहीं बल्कि मेडल पर निशाना लगाने आईं थी और उन्होंने वही किया. निशाना भी लगाया तो सीधे गोल्ड मेडल पर वो भी नया पैरालिंपिक्स रिकॉर्ड बनाते हुए. इतना ही नहीं इस दौरान उन्होंने वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी भी की है.

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