alvi mulayamकांग्रेस प्रवक्ता राशिद ने मुलायम सिंह यादव को भाजपा का एजेंट कहा, सपा अल्वी के माफी मांगने पर अड़ी, कांग्रेस ने अल्वी के बयान से पल्ला झाड़ा
कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता राशिद अल्वी का बयान उनकी गले की फांस बनता नजर आ रहा है। सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव को बीजेपी का एजेंट कहे जाने पर सपा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।  सपा प्रवक्ता राम गोपाल यादव ने कहा है कि यदि कोई पागल हो जाता है तो उसे आगरा मेंटल हॉस्पिटल में भेज देना चाहिए। सपा के वरिष्ठ नेता शाहिद सिद्दकी  ने कहा कि राशिद अल्वी ने ऐसा बयान देने से पहले जरूर कांग्रेस या सोनिया गांधी से इजाजत ली होगी। यदि ऐसा है कि उन्हें सोनिया से पूछना चाहिए कि हर इश्यू पर वो क्यों मुलायम सिंह की मदद लेती हैं। सपा नेता ने कहा कि राशिद अल्वी तुरंत मुलायम सिंह से, सपा से और प्रदेश की जनता से माफी मांगे। वरना कांग्रेस बताए कि यह बयान किसका है। उत्तर प्रदेश की जनता ने कांग्रेस और भाजपा को बहुत मजबूत जवाब दिया है। अल्वी बुधवार को मुरादाबाद में चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे। हालांकि बाद में उन्होंने कहा कि यह बयान पार्टी प्रवक्ता नहीं स्थानीय नेता के तौर पर दिया गया है। इसके लिए वे मुलायम से माफी नहीं मांगेंगे। दूसरी ओर, कांग्रेस ने भी इस बयान से पल्ला झाड़ लिया है। बुधवार को कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने यह कहकर राजनीति में भूचाल ला दिया कि भाजपा का यदि कोई एजेंट है तो वह मुलायम सिंह यादव हैं। कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी मुरादाबाद की एक चुनावी सभा को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने सभा में कहा कि आपको मेरी बात अच्छी लगे या बुरी लेकिन मैं पिछले १० साल से कहता आ रहा हूं कि भारतीय जनता पार्टी का कोई एजेंट है तो वह मुलायम सिंह यादव हैं। अगर कोई भाजपा के इशारों पर नाचता है तो वह मुलायम सिंह यादव हैं।
बाद में अपना बचाव करते हुए राशिद अल्वी ने कहा कि चुनाव के दौरान इस तरह की बयानबाजी होती ही रहती हैं। सपा वाले भी हमारे ऊपर छींटाकशी करते रहते हैं। लेकिन जब उनसे पूछा गया कि आप कांग्रेस के प्रवक्ता हैं और इस पद पर रहते हुए आपने ऐसा बयान क्यों दिया तो उनका कहना था कि मैं मुरादाबाद में एक चुनावी सभा में गया था और वहां मैंने इसलिए यह कहा कि सपा और कांग्रेस एक दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ते हैं और उसमें यह सब चलता है। राशिद अल्वी को यह भी याद नहीं रहा कि निकाय चुनाव में सपा अपने चुनाव निशान पर चुनाव नहीं लड़ रही है। उन्होंने कहा कि वहां मैं कांग्रेस प्रवक्ता की हैसियत से नहीं बोल रहा था। अपने विवादित बयान का बचाव करते हुए राशिद अल्वी ने यह भी कहा कि वह जानते हैं कि मुलायम राष्ट्रपति चुनाव में प्रणब का समर्थन कर रहे हैं, वह इस बात पर उन्हें शुक्रिया भी कहते हैं। उन्होंने कहा कि वह मुरादाबाद की सभा में कांग्रेस प्रवक्ता की हैसियत से नहीं बोल रहे थे। भाषण के दौरान अल्वी ने कहा कि मैं पिछले 10 साल से यह कहता चला आ रहा हूं कि इस देश में भारतीय जनता पार्टी का सबसे बड़ा एजेंट कोई है तो वह मुलायम सिंह यादव है। यदि कोई भाजपा के इशारे पर नाचता है तो वह मुलायम सिंह यादव है। अल्वी ने सवाल किया कि क्या कभी ऐसा देखा गया है कि दो अलग-अलग आंदोलनों से पैदा हुए लोग साथ आ जाएं? बाद में जब पत्रकारों ने पूछा कि क्या वे अपने बयान पर अब भी खड़े हैं, तो अल्वी ने कहा कि मैं पब्लिक मीटिंग में भाषण दे रहा था। वहां कही गई बात अलग है। प्रेस कांफ्रेंस की बात अलग होती है। उत्तर प्रदेश में स्थानीय निकाय का चुनाव हो रहा है। चुनावी बैठक में मुलायम सिंह भी हमारे खिलाफ बहुत कुछ बोलते हैं और हम भी। दोनों बातों को जोड़ा नहीं जाना चाहिए।  कांग्रेस प्रवक्ता जर्नादन दिवेदी ने राशिद अल्वी के बयान पर कहा है कि उनके बयान से कांग्रेस का कोई लेना देना नहीं है।
अल्वी के इस बयान के बाद सपा और कांग्रेस के रिश्ते में खटास आने की आशंका बन रही है। चूंकि ममता के बागी तेवर से कांग्रेस पहले ही परेशान है। ऐसे में वह मुलायम का साथ नहीं छोड़ सकती है। यदि मुलायम का साथ पाने के लिए कांग्रेस अल्?वी पर गाज गिरा दे तो कोई आश्चर्य नहीं होगा। हालांकि, अल्वी ने इसे चुनावी बयान करार देकर खुद को बचाने की कोशिश की है लेकिन यह इतना आसान नहीं है। क्योंकि, कुछ दिनों पहले ही कांग्रेस ने दिग्विजय सिंह के सभी बयानों से पल्ला झाड़ चुकी है। जबकि, ऐटमी डील के वक्त सत्यव्रत चतुर्वेदी ने सपा के तत्?कालीन महासचिव अमर सिंह के बारे में आपत्तिजनक बयान दिया था। जिसके बाद चतुर्वेदी को पार्टी प्रवक्ता पद से अलग कर दिया गया था।

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