नई दिल्ली: अफगानिस्तान में  तालिबान के पांव मजबूत हो रहे हैं और इस मजबूती को खाद पानी देने का काम पाकिस्तान करता रहा है. अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बाद जिस तेजी से तालिबान का कब्जा बढ़ा है उसने अमेरिका की मुश्किल भी बढ़ा दी. जिसके बाद अमेरिका ने पाकिस्तान को नापाक हरकतों पर लगाम लगाने को कहा है.
अमेरिका के रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने पाकिस्तान सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा से फोन पर बात की और चेताया कि पाकिस्तान सीमा के पास तालिबान के आतंकियों के पनाहगाहों को खत्म करने के लिए कदम उठाए. पाकिस्तान की मदद की वजह से अफगानिस्तान में ज्यादा असुरक्षा और अस्थिरता का माहौल बन गया है. तालिबान या किसी अन्य आतंकी संगठन को पाकिस्तान की जमीन का इस्तेमाल ना करने दिया जाए. अमेरिका ने तालिबान को पनाह देने और सहायता मुहैया कराने को लेकर पाकिस्तान की आलोचना भी की है.
वहीं अमेरिका रक्षा विभाग के मुख्यालय पेंटागन ने अफगानिस्तान में भारत के काम की सराहना की और भारत की भूमिका को रचनात्मक भी बताया है. पेंटागन के प्रेस सचिव जॉन किर्बी ने कहा, ‘‘भारत ने अतीत में प्रशिक्षण और अन्य बुनियादी ढांचे में सुधार के मामले में अफगानिस्तान में रचनात्मक भूमिका निभाई है.’’
अफगानिस्तान पर भारत और अमेरिका के सहयोग के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, ‘‘ अफगानिस्तान में स्थिरता तथा सुशासन के लिए इस तरह के काम, इस तरह के प्रयासों का हमेशाा स्वागत किया जाता है.’’ उन्होंने कहा कि अमेरिका के रक्षा मंत्री ल्यॉड ऑस्टिन का कहना है कि अफगानिस्तन में सुरक्षा स्थिति को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय चिंतित है, जिस पर स्पष्ट तौर पर सही दिशा में काम नहीं हो रहा है. उन्होंने कहा, ‘‘ मंत्री का मानना है कि अफगान बलों में बदलाव लाने की क्षमता है.

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