मृत्युंजय दीक्षित

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भारतीय राजनीति में 20 वर्ष का ऐतिहासिक सफर पूरा हो रहा है । 13 वर्ष तक गुजरात के मुख्यमंत्री पद से लेकर सात वर्ष तक पीएम पद की बागडोर संभाल चुके प्रधनमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अब देश में एक बदलाव नजर आने लग गया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में अब पूरी दुनिया भारत की ओर आशा पूर्ण दृष्टि से देख रही है। प्रधानमंत्री ने अपने कार्यकाल में बहुत कुछ बदल दिया है और बदलाव का यह सिलसिला लगातार जारी है। पीएम मोदी की कार्यशैली को देखकर कहा जा सकता है वे एक महामानव ही हैं। अभी भी देशभर में उनकी बराबरी करने वाला कोई व्यक्तित्व विरोधी दलों में नजर नहीं आ रहा है।
पीएम नरेंद्र मोदी स्वयं से पहले देश की सोचते हैं ईमानदारी से कार्य कर रहे हैं। वह लगातार जनकल्याण में लगे हुए हैं। आज मोदी जी के नेतृत्व में देश जिस प्रकार से विकास की ओर तेज गति से चल रहा है उसे आने वाली कई पीढ़ियां भूल नहीं पायेंगी। पीएम मोदी की बहुत सी योजनाओं का विपक्ष के नेताओं व उनके आलोचकों ने जमकर मजाक बना और विरोध किया लेकिन वह अडिग है और यही कारण है कि आज देश में बदलाव की बयार बह रही है और जिसे हर क्षेत्र में महसूस किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अपने पहले कार्यकाल में गांधी जयंती के दिन चलाया गया स्वच्छता अभियान अब जनआंदोलन बन चुका है तथा इसे समाज ने स्वीकार भी कर लिया है। देश के प्रबुद्ध व आम नागरिकों ने भी स्वच्छता को अपनाया है, कोरोना महामारी के कालखंड में स्वच्छता अभियान को और अधिक बल मिला है। प्रधानमंत्री के स्वच्छता अभियान का तात्पर्य केवल झाड़ू लगाना ही नहीं था अपितु देश की राजनीति व समाज में फैली हर प्रकार की बुराई को दूर करना था। जिसका असर अब जीवन के हर क्षेत्र में दिखलायी पड़ रहा है।
अपने पहले कार्यकाल में पीएम मोदी ने घर- घर शौचालय अभियान चलाया यह अभियान विशेष कर गांवों को केंद्रित कर चलाया जिसका असर अब ग्रामीण स्वच्छता पर दिखायी पड़ रहा है। भारत के बहुत सारे गांव खुले में शौच से मुक्त हो चुके हैं। पहले दूर दराज के गांवों की महिलाओं व बच्चियों को देर रात के अंधकार में शौच के लिए बाहर जाना पड़ता था उस समय वह किस शारीरिक व मानसिक प्रताडना का शिकार होती थीं यह वही जानती व समझती थीं। आज घर -घर शौचालय अभियान से गांवों में नारी शक्ति की गरिमा व आत्म सम्मान की बहाली हुई है।
पीएम मोदी ने ग्रामीण महिलाओं को धुंए के चूल्हे से निजात दिलाते हुए निःशुल्क रसोई गैस का सिलेंडर भी दिया है जिसे उजवला योजना के नाम से जाना जाता है अब इसका विस्तार भी किया गया है। एक सर्वे से पता चला है कि पीएम मोदी की उज्वला योजना से ग्रामीण महिलाओं के जीवन में व्यापक बदलाव आया है। धुएं वाले चूल्हे से महिलाओं को होने वाली बीमारियों से निजात मिल रही है और वायु प्रदूषण की रोकथाम भी संभव हो सकी है।
सबसे बड़ी बात यह है कि अब महिलाओं को घरों में भोजन बनाने के लिए अधिक समय भी नहीं लगाना पड़ता है। एक समय था जब देश में गैस का सिलेंडर लेने के लिए घंटों लाइन में खडा होना पड़ता था लेकिन अब वह समय जा चुका है। सिलेंडर आसानी से उपलब्ध हो रहा हैं। विरोधियां को महंगाई्र का रोना रोने से पहले वह दिनभी याद रखना चाहिए जब कांग्रेस की सरकारो के कार्यकाल में बजट पेश होने के समय अचानक से गैस की किल्लत हो जाती थी और दलाल सक्रिय हो जाते थे। आज रसोई गैस का सिलेडर दलालों से लगभग मुक्त हो चुका है।
पीएम मोदी की इसी प्रकार बहुत सी योजनायें आज समाज में व्यापक बदलाव ला रही है। चाहे वह जन- धन खाता योजना हो ,मुद्रा लोन योजना हो ,किसान सम्मान निधि योजना हो लाभार्थी को योजना का सीधा लाभ मिल रहा है। आज पीएम मोदी की सरकार पूरी तरह से पारदर्शी तरीके से चल रही है । हर योजना के लाभार्थी को उसके एकाउंट में पैसा पहुंचाया कराया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश व समाज के हर क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने की मुहिम चला रहे हैं। पीएम मोदी की सरकार के कार्यकाल में युवाओें व नारी शक्ति के लिए कई कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं। मोदी सरकार महिलाओं को आरक्षण देने की बजाय उनको सशक्त व आत्मनिर्भर बनाने पर बल दे रही है। सरकार सेवा के प्रत्येक क्षेत्र को महिलाओं के लिए खोल रही है। अब एनडीए में भी हमारी बेटियां प्रवेश पा सकेंगी। देश के सभी सैनिक स्कूलों में बेटियों का प्रवेश स्वागत योग्य है। सुरक्षा ,विदेश, आर्थिक क्षेत्रों में कई उच्चपदों पर विराजमान नारी शक्ति ने अपने काम से अपना लोहा मनवाया है।
पीएम मोदी के बहुत से फैसले दूखने मे तो बहुत ही मामूली लगते हैं लेकिन जब उनकी गहराई्र में जाया जाता है तब तक बहुत कुछ बदल चुका होता है। मोदी सरकार में आज देश का योग, अध्यात्म, आयुर्वेद, हिंदी का प्रचार प्रसार व्यापक हो रहा है। सनातन संस्कृति का प्रचार व आतंकवाद पर प्रहार भी हो रहे हैं। देश की सेना व अंतरिक्ष विभाग मजबूत हो रहे हैं। देश के जवानों को आज भारतीय नेतृत्व पर गर्व की अनुभूति हो रही है कि उनको आजादी के बाद संभवतः पहला ऐसा प्रधानमंत्री मिला है जो दीपावली उनके साथ मनाता है और जरूरत पडने पर सीमा पर आकर विस्तारवाद को सीधी चुनौती भी देता है और सेना का मनोबल भी बढ़ाता है।
पीएम मोदी ने देश की सेना को मजबूत बनाने के लिए कई अहम फैसले लिये। वन रैंक, वन पेंशन समस्या का समाधान मोदी सरकार ने ही दिया। वायुसेना को मजबूती प्रदान करने के लिये राफेल लड़ाकू विमानों का सौदा पूरा किया गया और अब राफेल भारतीय सेना में षामिल हो चुके हैं। थल सेना के लिए 118 अर्जुन टैंक का आर्डर दिया गया है। सामाजिक सरोकारों को ध्यान में रखते हुए भी सरकार लगातार कई कदम उठा रही है। उरी व पुलवामा आतंकवादी हमलों के बाद जिस प्रकार से आतंकी ठिकानों पर सफलतापूर्वक स्ट्राइक की गयीं उससे हर देशवासी का सीना गर्व से चौडा हो गया।
पीएम मोदी ने अपने सात वश के कार्यकाल में जो ऐतिहासिक कार्य किये हैं उसमें उनकी आरम्भिक दिनों की राजनैतिक यात्राओं का भी महत्वपूर्ण योगदान है। अपने दूसरे कार्यकाल में जम्मू कश्मीर में धारा -370 का समापन कर वहां पर विकास के नये दरवाजे खोल दिये हैं। अब जम्मू -कष्मीर में डल झील में एक बार फिर पर्यटक आने लग गये हैं। अलगाववादियों व आतंकवादियों पर सीधा प्रहार किया जा रहा है। सबसे बड़ा बदलाव जम्मू कश्मीर में आया है जहां पर अब पत्थरबाजी गायब हो चुकी है। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में ही सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर का विवाद सुलझा दिया और अब वहां भव्य राम मंदिर का निर्माण हो रहा है। जब से पीएम मोदी ने देश की सत्ता संभाली है तब से वह बिना कोई अवकाश लिए लगातार काम कर रहे हैं। मोदी जी की लोकप्रियता का सबसे बड़ा कारण यह है कि वह लगातार संवाद करते रहते हैं और जनता से सीधा कनेक्ट रहते हैं।
मोदी जी तकनीक का भरपूर इस्तेमाल करते हैं और सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर उनके सात करोड़ फालोअर्स हैं। वह टिवटर, फेसबुक , इंस्टाग्राम सहित सभी मंचों पर उपलब्ध है। रेडियो पर हर महीने आने वाले मन की बात के माध्यम से भी वह जनता से सीधे जुडे रहते हैं। मोदी जी की मन की बात बहुत ही लोकप्रिय है जिसमें वह राजनीति से दूर अपने विचार रखते हैं वह लाभार्थियों से भी बात करते हैं। यही उनकी लोकप्रियता का पैमाना है। आज देश मोदी जी के नेतृत्व में पूरी तरह से सुरक्षित है व देश की 70 प्रतिशत से अधिक आबादी को उन पर भरेसा भी है। पीएम मोदी जनमानस के दिल को छू लेने वाले काम लगातार करते रहते हैं।
कोरोना महामारी के बाद जापान की राजधानी में आयोजित टौक्यो ओलम्पिक व पैरा ओलम्पिक खेलों में जिस प्रकार से भारतीय खिलाड़ियो का मनोबल बढ़ाया वह काबिलेतरीफ रहा जिसकी प्रषंसा हर देशवासी व खेलप्रेमी ने की। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पीएम मोदी ने जिस प्रकार से खिलाड़ियों का तालियां बजाकर अभिनंदन किया उसकी सराहना की गयी। ओलिंम्पक के दौरान ही पीएम मोदी ने राजीव गांधी खेल रत्न का नाम बदलकर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार करके खेल व राजनीति के क्षेत्र मे हलचल मचा दी थी । स्वाधीनता दिवस की पूर्व संध्या पर उन्होंने विभाजन विभीषिका दिवस मानाने का ऐलान कर सभी को चौंका दिया।
कोरोना की पहली लहर से लेकर दूसरी लहर तक पीएम मोदी ने जिस प्रकार से देश को नेतृत्व प्रदान किया उसे पूर दुनिया ने देखा व समझा है। कोरोना की पहली लहर में जनता कर्फ्यू से लेकर और दूसरी लहर में कठिन हालातो से निपटने में पीएम मोदी ने अपनी नेतृत्व क्षमता का अदभुत परिचय दिया है। आज भारत के पास एक से अधिक वैक्सीन हैं तथा भारत की वैक्सीन कूटनीति की प्रशंसा संयुक्तराष्ट्र महासभा में भी हो रही है। कोरोना के खिलाफ जंग में टीकाकरण अभियान को ध्वस्त करने के लिए विरोधी दलो की ओरसे पूरी ताकत लगा दी गयी और खूब अफवाहें उड़ायी गयी लेकिन अब पीएम मोदी के अथक प्रयासों व कुशल नेतृत्व से 90 करोड से अधिक आबादी को टीका लगाया जा चुका है। कोरोना महामारी के कालखंड में भारत ही एकमात्र ऐसा देश है जहां देश की 80 करोड़ जनता को निःशुल्क राशन का वितरण किया गया।
कोरोना कालखंड में देश के विरोधी दाले ने अपना एजेंडा थोपने की पूरी कोशिश की लेकिन उनकी हर कोशिश मोदी की नेकनीयती के आगे बेकार रही । देश में बन रहे सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट को रोकने के हरसंभव प्रयास किये गये लेकिन अब वह तेजी से पूर्णता की ओर अग्रसर हो रहे हैं।देष के तथाकथित विरोधी दलों ने यह सोचा था कि सत्तर साल पहले जिस प्रकार से वह अपने फैसले वापस ले लेते थे उसी प्रकार मोदी सरकार भी चलेगी लेकिन फिलहाल अभी तक ऐसा संभवन हीं हो सका है। यह भी देष की राजनीति में एक बहुत बड़ा बदलाव है। सीएए के खिलाफ पूरे देश भर में धरना प्रदर्शन हुए तथा दिल्ली में दंगे तक हो गये लेकिन मजबूत मोदी सरकार ने अभी तक अपना कोई भी फैसला नहीं बदला है।
संसद ने तीन कृषि कानूनां को ध्वनिमत से पारित किया है लेकिन उन सुधारों का भी पुरजोर विरोध किया जा रहा है। देषभर से नये -नये किसान भक्त नेता पैदा होकर किसान नेताओं को बरगला रहे हैं लेकिन यह मोदी सरकार है जिससे दबाव डलवाकर कोई काम नहीं करवाया जा सकता है। इन लोगां ने सोचा था कि जिस प्रकार से स्वर्गीय राजीव गांधी ने शाहबानो प्रकरण में पूरा फैसला बदल दिया था उसी प्रकार वह मोदी जी से करवा लेंगे ।
आज भारत का नेतृत्व कितना सशक्त है वह अफगान संकट के बाद और पुख्ता हो रहा है। अफगानिस्तान मे तालिबान की वापसी और अमेरिकी सेना की वतन वापसी के बाद पूरी दुनिया भारत की ओर आशा भरी निगाहों से देख रही है। विश्व मंच पर भारत की बातों को सुना जा रहा है और उसे समर्थन भी मिल रहा हैं। प्रधानमंत्री मोदी जी की अमेरिका यात्रा में इसकी एक झलक देखने को भी मिली है। सिंतबर माह में जितने भी अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन हुए उनमें भारत के विचारों को सम्मान की दृष्टि से देखा गया है। आज पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आत्मनिर्भर बनने की ओर अग्रसर है। विष्व के सभी मंचो पर भारत का सम्मान हो रहा है एक प्रकार से पूरी दुनिया भारत की ओर देख रही है यही है बदलता भारत। वर्तमान समय में आजादी का अमृत महोत्सव भी विकास की नयी गाथा लिख रहा है।

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