माता देवकी और यशोदा मैया के पुत्र और राधारानी के परम सखा भगवान श्रीकृष्ण को नारायण का आठवां अवतार माना जाता है. हर साल भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाता है. इस दिन हर तरफ श्रीकृष्ण ​के नाम की धूम होती है और इस पर्व को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और जन्माष्टमी के नाम से जाना जाता है. इस बार जन्माष्टमी 30 अगस्त को सोमवार वाले दिन पड़ रही है. बता दें कि भगवान श्रीकृष्ण ने संसार को प्रेम का महत्व सिखाने और धर्म की स्थापना करने के लिए द्वापरयुग में धरती पर अवतार लिया था.
उन्होंने अपने ब्रज भूमि पर अनेकों लीलाएं कीं और परिशुद्ध प्रेम का पाठ लोगों को पढ़ाया. अधर्मियों का नाश कर धर्म की स्थापना की और गीता के जरिए संसार को भक्तियोग, कर्मयोग और ज्ञानयोग का पाठ पढ़ाकर मुक्ति का मार्ग दिखाया. आज भी संसार में श्रीकृष्ण के प्रति लोगोंं के मन में अथाह प्रेम, सम्मान और आस्था है. उन्हें कान्हा, कन्हैया, माधव, लड्डू गोपाल, कृष्णा आदि तमाम नामों से पुकारा जाता है. मान्यता है कि यदि कोई भक्त सच्चे मन से प्रेमपूर्वक श्रीकृष्ण की पूजा करे, तो वे प्रसन्न होकर उसके सारे दुख हर लेते हैं. इस बार जन्माष्टमी पर आप भी अपनी राशि के अनुसार कन्हैया को वस्त्र और भोग अर्पित कर उन्हें प्रसन्न कर सकते हैं और भगवान का आशीर्वाद पा सकते हैं. इससे आपके परिवार के भी सभी दुख दूर होंगे और परिवार में अपार खुशियां आएंगी.
  • मेष : लाल वस्त्र पहनाएं और कुमकुम का तिलक लगाकर माखन मिश्री का भोग लगाएं.
  • वृषभ : चांदी के वर्क से श्रृंगार करें और प्रभु को सफेद वस्त्र व सफेद चंदन अर्पित करें और माखन का भोग लगाएं.
  • मिथुन : लहरिया वाले वस्त्र पहनाएं और पीला चंदन अर्पित करें व भोग में दही जरूर अर्पित करें.
  • कर्क : सफेद वस्त्र पहनाएं और दूध व केसर का भोग लगाएं.
  • सिंह : गुलाबी वस्त्र पहनाएं व अष्टगंध का तिलक लगाएं और माखन मिश्री भोग में अर्पित करें.
  • कन्या : हरे रंग के सुंदर वस्त्र पहनाएं और मावे की बर्फी बनाकर भोग लगाएं.
  • तुला : केसरिया या गुलाबी रंग के वस्त्र पहनाएं व माखन-मिश्री और घी का भोग लगाएं.
  • वृश्चिक : लाल वस्त्र पहनाएं और भोग में मावा, माखन या दही में से कोई एक चीज जरूर अर्पित करें.
  • धनु : पीले रंग के वस्त्र पहनाएं व पीली मिठाई का भोग लगाएं.
  • मकर : नारंगी रंग के वस्त्र पहनाएं और कान्हा को मिश्री का भोग लगाएं.
  • कुंभ : नीले वस्त्र पहनाएं. दूध से अभिषेक करें और बालूशाही का भोग लगाएं.
  • मीन : पीताम्बरी पहनाएं और साथ में आभूषण पहनाएं. केसर और मावे की बर्फी का भोग लगाएं.
(यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं, इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. इसे सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है.)

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