प्रयागराज एक ऐसा शहर है, जिसे सभी तीर्थों का राजा कहा जाता है। इसके साथ इसे कई नामों से भी जाना जाता हैl बादलों का शहर, देवताओं का भी शहर माना जाता है, जो अपने अंदर बहुत से रहस्यों को संजोए रखा हैl प्रयागराज शहर के सात नगर देवता हैं, जिनमें एक महत्वपूर्ण नगर देवता भगवान नाग वासुकी भी हैं। वह केवल एक नगर देवता ही नहीं, बल्कि भगवान शंकर के आशीर्वाद से इन्हें पाताल लोक का राजा माना जाता हैl
इनके आशीर्वाद मात्र से सजा मुक्त हो जाता है मृतक
यहां की सबसे बड़ी मान्यता यह है कि भगवान नागवंशी के आशीर्वाद से नरक लोक में निवास कर रहे लोगों के कष्ट दूर हो जाते हैं। मृतक किसी भी प्रकार की सजा से मुक्त हो जाता है।
पूरे सावन महीने दर्शन के लिए भक्तों का लगा रहता है भीड़
प्रयागराज के नगर देवता होने के साथ-साथ सर्पों के राजा भगवान नाग वासुकी की सावन माह में पूजा करना बहुत हितकारी होता है। जिसकी वजह से शिव भक्त पूरे सावन माह संगम स्नान करने के बाद सभी देवी देवताओं के दर्शन के साथ साथ भगवान नाग वासुकी का भी विधि विधान से पूजा पाठ करते हुए दर्शन प्राप्त करते हैं।
मान्यता
प्रयागराज की धरती पर बने इस मंदिर की सबसे बड़ी मान्यता यह है कि सावन माह में भगवान नाग वासुकी अपने चहेते भाई शेषनाग से मिलने के लिए इस पवित्र मंदिर में आते हैं। यहां रुक कर अपने भाई शेषनाग के साथ प्रयागराज निवासियों की परेशानी और जरूरतों को भगवान शंकर के पास ले जाते हैं। जिससे महादेव की कृपा से प्रयागवासियों की समस्याओं का निराकरण हो सके। यहां की सबसे बड़ी मान्यता यह भी है कि सावन माह में भगवान नाग वासुकी मंदिर जो भी भक्त सच्चे दिल से अपनी समस्याओं लेकर के दरबार में जाता है, उसकी समस्याओं का निराकरण तत्काल भगवान नागवंशी करते हैं।

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