पूजा पाठ से कतराने या फिर नास्तिक होने को स्टेटस सिम्बल मानने वाले यह सोच लें कि पूजा करने से व्यक्तित्व में निखार आता है।
poojaपूजा-पाठ करने और धार्मिक आयोजनों में शामिल होने से तनाव के स्तर में कमी आती है। बेलर यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं की मानें तो इसका असर ऑफिस में इनसान के प्रदर्शन पर भी दिखता है। वह न सिर्फ काम में ज्यादा मन लगा पाता हैए बल्कि उत्पादन क्षमता बढऩे से उसके प्रमोशन और वेतन-वृद्धि की संभावनाएं भी बढ़ जाती हैं।
शोधकर्ताओं ने एक हजार से कर्मचारियों की कार्य क्षमता पर धर्म और आध्यात्म का असर आंका। उन्होंने पाया कि ईश्वर में यकीन रखनेए नियमित रूप से पूजा.पाठ करने और धार्मिक आयोजनों में बढ़.चढक़र हिस्सा लेने वाले लोग पेशेवर जीवन में ज्यादा सफल होते हैं। वे बॉस की नजरों में अच्छी छवि तो बना ही पाते हैंए साथ ही सहकर्मियों से उनके संबंध भी अच्छे होते हैं।

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.