pm-narendra-modi-and-fm-arun-jaitleyनई दिल्ली। वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट के अनुसार केंद्र सरकार के विकास के दावों पर आघात पहुंचाया है। वर्ल्ड बैंक की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक, व्यवसाय करने के लिए अन्य देशों की रैकिंग में भारत 130वें पायदान पर है। पिछले साल के मुकाबले भारत की रैंकिंग में एक पायदान का सुधार हुआ है, लेकिन वो भी इसलिए क्योंकि वर्ल्ड बैंक ने भारत की पिछले साल की रैंकिंग 131वें स्थान पर था। केंद्र सरकार ने इस रिपोर्ट पर ही सवाल उठा दिए हैं।

सरकार ने रिपोर्ट पर उठाए सवाल
सरकार व्यापार सुगमता के लिये प्रयास कर रही है और उसका लक्ष्य देश को शीर्ष 50 में लाना है। वर्ल्ड बैंक के इंडेक्स में रैंकिंग में कोई सुधार नहीं होने को लेकर केंद्र सरकार ने निराशा जताई और कहा कि, रिपोर्ट में उन 12 प्रमुख सुधारों पर विचार नहीं किया गया जिसे सरकार कर रही है।

वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक, देश ने निर्माण परमिट, कर्ज हासिल करने और अन्य मानदंडों के मामले नाममात्र या कोई सुधार नहीं किया है। वर्ल्ड बैंक की ताजा डूइंग बिजनेस’ रिपोर्ट में भारत की स्थिति में पिछले साल के मुकाबले कोई सुधार नहीं हुआ है। विभिन्न मानदंडों के आधार पर भारत 190 देशों में 130वें पायदान पर था। हालांकि पिछले साल की रैंकिंग को संशोधित कर 131वां कर दिया गया है। इस लिहाज से देश ने एक पायदान का सुधार किया है। अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन और बेहतर गतिविधियों के बीच अंतर को मापने वाला ‘डिस्टेंस टू फ्रंटियर’के लिए 100 अंक है।

इसमें भारत को इस साल 55.27 अंक मिले, जो पिछले साल 53.93 था। भारत एकमात्र देश है जिसकी रिपोर्ट में एक बॉक्स है। जिसमें जारी आर्थिक सुधारों की बातें हैं। वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट ने मोदी सरकार के विकास के दावों पर आघात पहुंचाया है। वर्ल्ड बैंक की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक, बिजनेस करने में आसानी वाले देशों की रैकिंग में भारत 130वें पायदान पर है। पिछले साल के मुकाबले भारत की रैंकिंग में एक पायदान का सुधार हुआ है, लेकिन वो भी इसलिए क्योंकि वर्ल्ड बैंक ने भारत की पिछले साल की रैंकिंग को संशोधित कर 130वें स्थान से 131वें स्थान पर कर दिया। केंद्र सरकार ने इस रिपोर्ट पर ही सवाल उठा दिए हैं।

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