पेट्रोल-डीज़ल की बढ़ती कीमतों को लेकर सरकार एक्शन में आ गई है. सूत्रों से मिली जानकारी मुताबिक, सरकार आम आदमी को राहत देने के लिए बड़े कदम उठा सकती है. इसको लेकर नया प्लान तैयार किया जा रहा है. हालांकि, सरकार एक्साइज ड्यूटी घटाने की तैयारी में नहीं है. क्योंकि 5 रुपये प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी कम होने से महंगाई महज 0.20 फीसदी कम होती है. आपको बता दें कि दिल्ली में पेट्रोल का रेट 106.54 रुपये प्रति लीटर हो गया है. वहीं, डीजल 96.27 रुपये प्रति लीटर की दर से बिक रहा है. मुंबई में पेट्रोल के दाम में 33 पैसे की बढ़ोतरी हुई है और अब यह 112.44 पैसे प्रति लीटर की दर से बिक रहा है. वहीं, डीजल के दाम में भी 37 पैसे की बढ़ोतरी हुई है और अब यह 103.26 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है.
क्या है सरकार की तैयारी
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पेट्रोल के बढ़ते दामों से राहत देने के लिए सरकार कंपनियों से कीमतों पर एक्शन लेने के लिए कह रही है. तेल कंपनियां कीमतों पर कैप लगाने (लिमिट तय) के लिए नया सिस्टम ला सकती है. साथ ही सरकार इस बात की जरूरत पर भी गौर कर रही है कि क्या किसी और प्राइस इंडेक्स के आधार पर तेल की खरीद की जा सकती है. अगर कीमतों में बहुत ज्यादा उतार चढ़ाव रहता है तो क्या भारत में अन्य स्रोतों से तेल का आयात किया जा सकता है. कीमतों में ये अस्थिरता लंबे समय तक नहीं रहने वाली है और ये सामान्य हो जाएगी. मांग और आपूर्ति के बीच बहुत ज्यादा अंतर नहीं है.
क्या टैक्स कम होगा?
सूत्रों ने बताया कि सरकार फिलहाल टैक्स घटाने की तैयारी नहीं कर रही है. क्योंकि 5 रुपये प्रति लीटर एक्साइज कम करने से महंगाई पर खास असर नहीं होगा. आपको बता दें कि सरकार ने संसद में बताया था कि अप्रैल 2020 से मार्च 2021 के बीच सरकार को पेट्रोल-डीज़ल पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने से टैक्स क्लेक्शन 3.35 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया. ठीक एक साल पहले इसी अवधि में पेट्रोल-डीजल से टैक्स कलेक्शन 1.78 लाख करोड़ रुपये था जो अब बढ़कर 3.35 लाख करोड़ पर पहुंच गया है.
सरकार को इस मद में और भी कमाई होती, लेकिन लॉकडाउन के चलते इसमें गिरावट देखी गई. लॉकडाउन और कोरोना प्रतिबंधों के चलते वाहन की आवाजाही बंद होने से पेट्रोल और डीजल की मांग घटी रही जिससे टैक्स कलेक्शन भी कम रहा. साल 2018-19 में पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज कलेक्शन 2.13 लाख करोड़ रुपये हुआ था. इससे इतर एक सवाल के जवाब में केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि इस साल अप्रैल-जून की अवधि में सरकार को 1.01 लाख करोड़ रुपये एक्साइज कलेक्शन के रूप में प्राप्त हुए. एक्साइज से होने वाली कमाई की कड़ी में सिर्फ पेट्रोल और डीजल ही नहीं बल्कि एटीएफ, प्राकृतिक गैस और कच्चा तेल भी शामिल हैं. इन सबको जोड़ दें तो वित्तीय वर्ष 21 में सरकार को कुल एक्साइज कलेक्शन 3.89 लाख करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं.

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