नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से निजी क्षेत्र के बैंक HDFC बैंक को एक बार फिर झटका लगा है. रिजर्व बैंक ने एचडीएफसी बैंक पर कुछ पाबंदियां लगाते हुए बैंक की सभी डिजिटल सर्विसेज को रोक दिया है. आरबीआई की ओर से लगाई गई रोक में नए क्रेडिट कार्ड भी शामिल है. हालांकि आरबीआई की ओर से लगाई गई ये रोक स्थायी नहीं है. वहीं पिछले दो सालों के भीतर ही ये तीसरा मौका है, जब एचडीएफसी बैंक पर किसी तरह की कोई पाबंदी लगाई गई है.
इस रोक के बारे में जानकारी देते हुए एचडीएफसी बैंक ने बताया है कि बैंक की डिजिटल सर्विस को आरबीआई ने अस्थायी रूप से रोकने का आदेश दिया है. इसमें नए क्रेडिट कार्ड जारी करने पर भी रोक लगाई गई है. साथ ही आरबीआई ने कहा है कि प्राइवेट बैंक के बोर्ड को खामियां दूर करते हुए जवाबदेही तय करनी चाहिए.
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने HDFC बैंक को सलाह दी है कि वह अपने डिजिटल 2.0 पहल के तहत किसी भी ताजा गतिविधियों को रोक दे. साथ ही नए क्रडिट कार्ड ग्राहकों की सोर्सिंग करना बंद कर दे. दरअसल, पिछले दो सालों से अपनी इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और पेमेंट यूटिलिटी सेवाओं में बैंक को काफी परेशानी झेलनी पड़ी है.
डिजिटल सर्विसेज में रुकावट
बता दें कि एचडीएफसी बैंक की डिजिटल सर्विसेज में लगातार ग्राहकों को रुकावट के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था. जिसकी आरबीआई ने भी बैंक से वजह पूछी थी. दरअसल, एचडीएफसी बैंक के डेटा सेंटर में गड़बड़ी की वजह से इसके यूपीआई पेमेंट, एटीएम सर्विसेज और कार्ड से होने वाली पेमेंट रुक गई थी. जिसके कारण ग्राहकों को परेशानी उठानी पड़ी थी.
आरबीआई ने बताया गंभीर मामला
बता दें कि एचडीएफसी बैंक के डिजिटल सर्विसेज में पिछले दो साल में तीन बार इस तरह की गड़बड़ी का सामना करना पड़ा है. वहीं आरबीआई ने कहा था कि इसके डेटा सेंटर में अगर गड़बड़ी आई है तो इसकी वजह बताई जाए. जिसके जवाब में एचडीएफसी बैंक ने कहा था कि पिछले दो साल के दौरान सिस्टम और प्रोसेस में पर्याप्त सुधार किया गया है. हालांकि आरबीआई ने कहा था कि बैंक के दावों के बावजूद दिक्कतें आ रही हैं, जो की काफी गंभीर मामला है.

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