सप्ताह के पहले कारोबारी दिन घरेलू शेयर बाजार की कमजोर शुरुआत हुई. ग्लोबल मार्केट से मिले संकेतों और कोरोना के नए वैरिएंट के बढ़ते मामले से शुरुआती कारोबार में बीएसई का बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स (Sensex) 724.22 अंक टूट गया, जबकि निफ्टी50 (Nifty50) 16,800 के नीचे फिसल गया. हैवीवेट HDFC, एचडीएफसी बैंक, एचयूएल, आईसीआईसीआई बैंक में कमजोरी से बाजार पर दबाव बना है. हालांकि, रिलायंस इंडस्ट्रीज, डॉ रेड्डीज, इंडसइंड बैंक, HCL टेक, बजाज फाइनेंस में तेजी से बाजार में शुरुआती गिरावट से रिकवरी आई है.
बाजार में उतार-चढ़ाव भरा कारोबार हो रहा है. सेक्टोरल इंडेक्स में बैंक, ऑटो, फाइनेंशियल सर्विसेज समेत सभी सेक्टर्स लाल निशान में कारोबार कर रहा है. सबसे ज्यादा कमजोरी निफ्टी रियल्टी (2.53 फीसदी), निफ्टी पीएसयू बैंक (2.36 फीसदी) दर्ज की गई है. इसके अलावा निफ्टी बैंक, निफ्टी ऑटो, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफअटी आईटी, निफ्टी मेटल 1 फीसदी से ज्यादा टूटे हैं.
इस हफ्ते आएंगे दो कंपनियों के इश्यू
ल्थ एंड एलाइड इंश्योरेंस कंपनी (Star Health and Allied Insurance Company) और टेगा इंडस्ट्रीज (Tega Industries) इस हफ्ते अपनी इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) जारी कर कुल मिलाकर 7,868 करोड़ रुपये जुटाएंगी. स्टार हेल्थ की तीन दिन की इनिशियल शेयर बिक्री 30 नवंबर को खुलेगी और 2 दिसंबर को बंद होगी जबकि तेगा इंडस्ट्रीज की 1 दिसंबर से 3 दिसंबर के दौरान सब्सक्रिप्शन के लिए खुली रहेगी.
यह 10 कंपनियों द्वारा नवंबर में अपने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद आया है. 2021 में अब तक 51 कंपनियों ने 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक जुटाने के लिए अपने आईपीओ लॉन्च किए हैं.
FPI ने नवंबर में अब तक भारतीय बाजारों में 5,319 करोड़ डाले
फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स (FPI) ने नवंबर में अब तक भारतीय बाजारों में नेट रूप से 5,319 करोड़ रुपये डाले हैं. पिछले एक पखवाड़े के दौरान भारतीय शेयर बाजारों में जारी करेक्शन के बीच एफपीआई ने अपना निवेश बढ़ाया है. अक्टूबर में एफपीआई ने 12,437 करोड़ रुपये की नेट बिकवाली की थी.
डिपॉजिटरी के आंकड़ों के अनुसार, एक से 26 नवंबर के दौरान एफपीआई ने शेयरों में नेट रूप से 1,400 करोड़ रुपये और डेट या बॉन्ड बाजार में 3,919 करोड़ रुपये का निवेश किया. इस तरह उनका कुल नेट निवेश 5,319 करोड़ रुपये रहा.
जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार ने कहा, एफपीआई के पास बड़ी मात्रा में बैंकों के शेयर हैं, ऐसे में उन्होंने इस खंड में जमकर बिकवाली की. सतत बिकवाली से मूल्यांकन की दृष्टि से बैंकों के शेयर निवेश का आकर्षक विकल्प बन चुके हैं. उन्होंने कहा कि 26 नवंबर को बाजारों में आई गिरावट की मुख्य वजह कोरोना वायरस का नया ‘स्ट्रेन’ है.

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