पी-नोट्स धारकों पर कोई कर नहीं : प्रणब मुखर्जी
एजेसी
नई दिल्ली। विदेशी निवेशकों को राहत देते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने शुक्रवार को कहा कि पार्टिसिपेटरी नोट्स (पी-नोट्स) धारकों पर कर नहीं लगाया जाएगा। विदेशी निवेशक पी-नोट्स के माध्यम से भारतीय शेयर बाजारों में निवेश करते हैं।
मुखर्जी ने संवाददाताओं से कहा कि भारतीय कर विभाग पी-नोट्स धारकों के वित्तीय विवरण लेने के लिए विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) से आगे तक नहीं जाएगा। इस तरह से भारत में पी-नोट्स धारकों की कर देयता का सवाल नहीं उठता है। वित्त मंत्री ने कहा कि प्रस्तावित कर सुधार का मकसद वाजिक निवेशकों को परेशान करना नहीं है।
मुखर्जी ने एक अप्रैल से प्रभावी होने वाले प्रस्तावित जेनरल एंटी-एवॉयडेंस रूल्स (जीएएआर) पर निवेशकों में कायम भ्रम के बारे में कहा कि मैं यह स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि सरकार की मंशा वाजिब निवेशकों को परेशान करने की नहीं है।
उन्होंने कहा कि पी-नोट्स धारक एफआईआई के माध्यम से भारतीय शेयर बाजारों में निवेश करते हैं। कर विभाग सम्बंधित एफआईआई की कर देयता की जांच करेगा। पी-नोट्स भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड में पंजीकृत विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों द्वारा उन निवेशकों या हेज फंड को जारी किए जाते हैं, जो भारतीय शेयर बाजार नियामक के पास पंजीकृत नहीं होते हैं। वित्त विधेयक, 2012 में परिसम्पत्तियों के अप्रत्यक्ष हस्तांतरण पर कराधान के प्रस्ताव और सामान्य परिवर्जन रोधी नियम गार ने विदेशी निवेशकों के मन में आशंका पैदा की है, जिससे शेयर बाजार में अनिश्चितता की स्थिति बनी है।
मंत्री ने कहा कि सरकार सही समय पर और भी स्पष्टीकरण जारी करेगी।वित्त मंत्री के बयान के बाद भातीय शेयर बाजारों में तेजी देखी गई। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स शुक्रवार दोपहर को 309.42 अंकों की तेजी के साथ 17,368.03 पर कारोबार करता देखा गया।

 

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