अभी देश में 4जी इंटरनेट सेवा ने ठीक से जड़े भी नहीं जमाई है, लेकिन वर्ष 2020 के आसपास वायरलेस 5जी इंटरनेट सेवा अस्तित्व में आ जाएगी। यह क्रांतिकारी सेवा मौजूदा 4जी के मुकाबले ने सिर्फ कई गुना तेज, बल्कि स्मार्ट और इंटेलीजेंट भी होगी। 5जी पर दुनियाभर में कंपनियां काम में जुटी हैं। एक आम परंपरा है कि हर दस साल में वायरलेस में नई इंटरनेट सेवा लांच की जाती है। 1जी सेवा 1981 और 4जी सेवा 2011 में काम करने लगी थी। 5जी की क्या होंगी खूबियां -फाइव जी की गति को कुछ इस तरह से समझा जा सकता है। आप जिस फाइबर ऑप्टिक आधारित इंटरनेट अपने डेस्कटॉप या लैपटॉप या टैबलेट के लिए इस्तेमाल करते हैं, वही गति फाइव जी में मिलेगी। -एरिक्सन कंपनी के प्रमुख वेस्टबर्ग ने लास वेगास के कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक शो (सीईएस) में बताया कि  फाइव जी जिंदगी को बेहतर बना देगा। इंटरनेट से हर जुड़ी चीज बेहद आसान हो जाएगी। -4जी गति के लिए जाना जाता है। यह 3जी से पांच गुना ज्यादा तेज है। लेकिन 5जी ऐसा स्मार्ट नेटवर्क है जो बेहद गति वाला तो है ही, साथ में वह इससे जुड़ी चीजों और व्यक्तियों की जरूरतों को बखूबी समझता है। उदाहरण-1 सेल्फ ड्राइविंग कार में एक व्यक्ति बैठा हुआ है। 5जी नेटवर्क यह समझ जाएगा कि कार में बैठे व्यक्ति को अपने स्मार्टफोन के लिए उच्च गति के कनेक्शन की जरूरत है। इसके उलट सेल्फ ड्राइविंग कार को लो लेटन्सी कनेक्शन की आवश्यकता है। उदाहरण-2 5जी नेटवर्क यह समझ जाएगा कि डिवाइस कम बैटरी पर चल रहा है। वह तुरंत रेडियो ध्वनि की संख्या को कम कर देगा। इस तरह डिवाइस चलने में कम ऊर्जा खर्च होगी। 5जी से बचेगी 90 फीसदी ऊर्जा 1.    4जी के मुकाबले 1000 गुना गति बढ़ेगी 2.    7 अरब लोग इसके जरिये जुड़ जाएंगे 3.    7खरब चीजें इसके मार्फत जुड़ जाएंगी 4.    90 प्रतिशत ऊर्जा की बचत होगी 5.    जीरो डाउनटाइम लगेगा 5जी से क्या होंगे कनेक्ट -घर, चीजें, सिटी, लोग, परिवहन और स्वास्थ्य सेवाएं क्या होगा 2020 में 85 प्रतिशत दुनिया के पास 3जी सेवा होगी जबकि 60 फीसदी के पास 4जी। कुल मिलाकर आज से पांच साल बाद पूरी तरह कनेक्टेड समाज होगा। वह किसी न किसी नेटवर्क का उपयोग कर रहा होगा। ‘जी’ पर एक नजर 1जी- फर्स्ट जनरेशन नेटवर्क सर्विस -बुनियादी आवाज सेवा -एनालॉग आधारित उत्पाद लांच- 1981 गति-2.4 केबीपीएस 2जी- सेकेंड जनरेशन नेटवर्क सर्विस -आवाज के लिए डिजाइन की गई -कवरेज और क्षमता में सुधार -प्रथम डिजीटल स्टैंडर्ड (जीएसएम/सीडीएमए) लांच- 1991 गति- 64 केबीपीएस 3जी- थर्ड जनरेशन नेटवर्क सर्विस – आवाज के साथ डाटा आदान-प्रदान (मल्टीमीडिया/टैक्सट/इंटरनेट) -प्रथम मोबाइल ब्रॉडबैंड लांच-2001 गति- 2000 केबीपीएस 4जी- फोर्थ जनरेशन नेटवर्क सर्विस -प्रमुख रूप से डाटा के लिए डिजाइन की गई -आईपी आधारित प्रोटोकॉल -असली मोबाइल ब्रॉडबैंड लांच-2011 गति-100,000 केबीपीएस 4जी शुरू हुए दो साल से ज्यादा -देश की पहली  4जी सेवा अप्रैल 2012 में कोलकाता में शुरू हुई थी। एअर टेल की इस सेवा का उद्घाटन तबके दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल ने किया था। -रिलायंस जियो 4जी सेवा भी आने वाली है। आज की तारीख में 3जी और 4जी प्लान का मूल्य लगभग एक सा है। -देश में चुनिंदा फोन ही 4जी पर आए हैं। 2015 में इनकी संख्या बढम्ने की उम्मीद है। -4जी में मौजूदा उपभोक्ता को नया सिम कार्ड दिया जाएगा। जो टू-थ्री जी क्षमता का भी होगा क्योंकि 4जी सिर्फ डाटा के लिए ही होता है।  लिहाजा फोन सेवा सिर्फ 2जी या 3जी नेटवर्क से काम करती है। देश में 3जी रहा नाकाम पूर्व दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल ने 2012 में माना उपयोगी वीसेट सेवाएं कारपोरेट संस्थानों, बैंकिंग सेक्टर, अस्पतालों, स्टॉक एक्सचें, शैक्षिक संस्थानों, सरकार, रक्षा, एअरलाइंस, खान निगमों, बिजली परियोजनाओं, दुर्गम इलाकों में त्वरित नेटवर्क कायम करने में काम आती हैं। 5g

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