कोयला उद्योग के कामगारों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आज दूसरा दिन है। सरकारी अधिकारियों तथा श्रमिक संगठनों के बीच कल रात वार्ता असफल रही। हड़ताल के पहले दिन 15 लाख टन के दैनिक उत्पादन का 75 प्रतिशत हिस्सा प्रभावित रहा जबकि गतिरोध बरकरार रहने की स्थिति में करीब 100 बिजली संयंत्रों को ईंधन की आपूर्ति बाधित रह सकती है।

श्रमिक संगठनों ने कहा कि कोल इंडिया लिमिटेड के कर्मचारियों समेत पांच लाख कामगारों ने इस हड़ताल में हिस्सा लिया है। भारतीय राष्ट्रीय खनन मजदूर संघ (इंटक) के महासचिव एस क्यू जम्मा ने कहा कि हम एकजुट हैं और हमने अपनी हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रखी है। उन्होंने कहा हम 10 जनवरी तक हड़ताल जारी रखेंगे।

मजदूर संगठनों की कल कोयला सचिव अनिल स्वरूप से हुई वार्ता असफल रही, हालांकि उन्होंने कोयला एवं बिजली मंत्री पीयूष गोयल या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बातचीत का विकल्प खुला रखा है।

जम्मा ने कहा हमारे पास कोयला मंत्री के साथ श्रमिक संगठनों की बैठक के बारे में कोई सूचना नहीं है लेकिन हम कोयला मंत्री और प्रधानमंत्री दोनों के साथ चर्चा के लिए उपलब्ध हैं और इसका विकल्प खुला रखा है। कोल इंडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि कर्मचारी आज और आक्रामक तरीके से विरोध करेंगे।

देश भर में करीब पांच लाख कोयला मजदूर कल से पांच दिन की हड़ताल पर हैं जिसे 1977 के बाद से अब तक की सबसे बड़ी हड़ताल कहा जा रहा है। यह हड़ताल सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी कोल इंडिया के विनिवेश और पुनर्गठन के विरोध और अपनी मांगों के समर्थन में कर रहे हैं जिनमें उन योजनाओं को वापस लिए जाने की भी मांग शामिल है जिसे मजदूर संगठन कोयला क्षेत्र का राष्ट्रीयकरण खत्म करने की प्रक्रिया करार दे रहे हैं।

इस हड़ताल का आहवान देश की सभी पांच प्रमुख श्रमिक संगठनों ने किया है जिसमें भाजपा समर्थित भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) भी शामिल है। इस हड़ताल में सभी पांच प्रमुख मजदूर संगठन – बीएमएस, इंटक, एटक, सीटू और एचएमएस – हिस्सा ले रहे हैं और इससे बिजली संयंत्रों को कोयले की आपूर्ति बाधित हो सकती है। देश के कुल कोयला उत्पादन में कोल इंडिया लिमिटेड का योगदान 80 प्रतिशत से अधिक है।

जम्मा ने कोयला सचिव के साथ हुई वार्ता के संबंध में कल देर रात कहा था हमने सौहाद्र्रपूर्ण समाधान के लिए अपनी ओर से पूरी कोशिश की लेकिन कोयला सचिव की अपनी सीमाएं हैं। कोल इंडिया लिमिटेड के 3.5 लाख कर्मचारियों समेत करीब पांच लाख कामगार हड़ताल पर हैं।

इसी सोमवार को अपना पद-भार संभालने वाले कोल इंडिया के अध्यक्ष सुतीर्थ भट्टाचार्य ने कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि इस स्थिति का समाधान सौहार्द्रपूर्ण तरीके से निकल आएगा।koyala

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