आयात शुल्क बढ़ाने का फैसला, चीनी उद्योग को राहत देने की कवायद

sugar-03सरकार ने आज चीनी के आयात शुल्क में बढ़ोतरी और गन्ना किसानों का बकाया भुगतान करने के लिए मिलों को 4,400 करोड़ रूपए तक का अतिरिक्त ब्याज-मुक्त रिण प्रदान करने का फैसला किया जिससे चीनी की कीमतें बढ़ सकती हैं। खाद्य मंत्री रामविलास पासवान द्वारा आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में आयात शुल्क 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत करने का फैसला किया गया। इसके अलावा निर्यात सब्सिडी को इस साल सितंबर तक बढ़ाने का भी फैसला किया गया है ताकि चीनी उद्योग को राहत प्रदान की जा सके जिसे गन्ना किसानों को 11,000 करोड़ रूपए का बकाया चुकाना है। इनमें से ज्यादातर उत्तर प्रदेश के हैं। सरकार का प्रयास होगा कि पेट्रोल में अनिवार्य तौर पर पांच प्रतिशत एथनॉल मिलाने की व्यवस्था हो। बाद में इसे बढ़ाकर 10 प्रतिशत किया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर हुई इस बैठक में पासवान के अलावा परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमण, पेट्रोलियम मंत्री धर्मंेद्र प्रधान, महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी, एमएसएमई मंत्री कलराज मिश्र, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्र और कैबिनेट सचिव अजित सेठ शामिल हुए। उद्योग संगठन भारतीय चीनी मिल संघ (इस्मा) ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे मिलों का नकदी प्रवाह बढ़ेगा और गन्ना किसानों के बकाए का भुगतान करने में मदद मिलेगी। इस्मा के महानिदेशक अविनाश वर्मा ने कहा, चीनी की कीमत बढ़ाने की जरूरत है ताकि मिलें कम से कम चीनी उत्पादन की लागत वसूल सकें। सरकार के इस फैसले के बाद चीनी कंपनियों के शेयरों में भारी तेजी दर्ज हुई।
वर्मा ने कहा कि 40 प्रतिशत आयात शुल्क से यह सुनिश्चित होगा कि भारतीय बाजार में विदेशी चीनी की भरमार नहीं होगी। यहां पहले से 20-25 लाख टन अतिरिक्त भंडार है। उन्होंने कहा, इससे निश्चित तौर पर बाजार का रूझान, घरेलू बाजार में चीनी की कीमत में सुधार होगाा और कारोबारी एवं थोक विक्रेता ज्यादा खरीद कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि आज का फैसले से थोक बाजार में चीनी की कीमत में।-2 प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी हो सकती है। फिलहाल थोक बाजार में चीनी 28 से 31 रूपए प्रति किलो है। पासवान ने कहा कि चीनी मिलें अब बैंकों से कुल 4,400 करोड़ रूपए तक का अतिरिक्त ब्याज मुक्त रिण प्राप्त कर सकेंगी। इससे गन्ना किसानों को भुगतान के लिए नकदी प्रवाह बढ़ेगा।

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