लखनऊ विकास प्राधिकरण में अधिकारियों अफसरों की मिली भगत ने विभाग का अरबों का नुकसान किया पढि़ए सुनील यादव की विशेष रिपोर्ट।
लखनऊ विकास प्राधिकरण में अधिकारियों अफसरों की मिली भगत ने विभाग का अरबों का नुकसान किया पढि़ए सुनील यादव की विशेष रिपोर्ट। लेकिन फिर भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
लखनऊ विकास प्राधिकरण में छह सौ करोड़ का घोटाला हुआ है। अधिकारियों ने अपने अफसरों की मिली भगत से ये घोटाले किए। लेकिन फिर भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। विभागीय ऑडिट में यह तथ्य निकलकर सामने आए हैं। जिसके अनुसार प्राधिकरण द्वारा खर्च किए गए छह सौ करोड़ रुपए का लेखा जोखा प्राधिकरण के पास नहीं है।ऑडिट अधिकारियों के अनुसार लखनऊ विकास प्राधिकरण में घोटालों की लिस्ट बहुत लम्बी है। उन्होंने बताया कि विभाग के पास लगभग 600 करोड़ रुपए का कोई हिसाब-किताब नहीं है। हर बार इसके बारे में जवाब मांगा गया लेकिन विभागीय अधिकारियों ने कोई उत्तर नहीं दिया। ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार एलडीए ने 1974 में स्थापना के बाद कई मदों में करोड़ों रुपए खर्च किए हैं। ये रुपए कहां खर्च किए गए इसका जवाब एलडीए के पास भी नहीं है। यह धन ज्यादातर अग्रिम भुगतान के रूप में दिया गया है। भूमि अधिग्रहण के अलावा यह धन वकीलों को केसों के लिए तमाम वादों में इसका भुगतान किया गया है। लेकिन एलडीए ने यह धन कब किसके नाम पर भुगतान किया इसका लेखा जोखा एलडीए के पास नहीं हैैैैै।  अब तक कुल छह सौ करोड़ रुपए का घोटाला है। हर साल इस पर आपत्ति की जाती है लेकिन अधिकारी इससे सम्बन्धित कोई साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराते। सहायह निदेशक ऑडिट अबुल फजल के अनुसार हर साल इस पर आपत्ति जताई जाती है। लेकिन इस पैसे का उपयोग कहां किया गया इसकी जानकारी नहीं दी गई। साथ ही लगभग छह सौ करोड़ रुपए के खर्च का उपयोगिता प्रमाण पत्र भी नहीं किया गया। एलडीए के गठन से यह काम लगातार जारी है।

साभार कैनविज टाइम्स

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