Shivpal Akhilesh Azamबिजली को लेकर यूपी सरकार के दों मंत्री ही किरकिरी करा रहे हैं। एक कह रहा है कि बिजली कटौती के लिए सरकार ने कोई आदेश नहीं बल्कि सुझाव दिया था वहीं दूसरे मंत्री कह रहे हैं कि सात बजे के बाद मॉल्स को बिजली नहीं मिलेगी। उत्तर प्रदेश में बिजली की कमी से निपटने के लिए शाम 7 बजे तक बाजार और शॉपिंग मॉल्स बंद किए जाने के आदेश पर सोमवार को सरकार की ओर से विरोधाभासी बयान आए। एक ओर जहां विधानसभा में नगर विकास मंत्री आजम खान ने कहा कि सरकार ने ऐसा सिर्फ सुझाव दिया था। वहीं, सिंचाई व लोक निर्माण मंत्री शिवपाल यादव ने कहा कि 7 बजे के बाद दुकानों को बिजली की आपूर्ति नहीं की सकेगी। गौरतलब है कि बिजली की किल्लत से यूपी परेशान सरकार ने एक दिन पहले ही राज्य में सभी दुकानें और मॉल शाम 7 बजे बंद करने के कहा था। रेस्त्रां के बंद होने का समय रात 10 बजे तय किया गया था । इतना ही नहीं सरकार ने स्टील फर्नेस और रोलिंग मिलों को अगले आदेश तक पूरी तरह से बंद करने के आदेश दिए थे, लेकिन अब सरकार कह रही है कि उसने आदेश’ नहीं बल्कि सुझाव दिया था|

विधानसभा में विपक्ष के तेवरों से घबराई सरकार की ओर से सफाई देते हुए सोमवार को नगर विकास मंत्री आजम खान ने कहा कि सरकार ने बाजार और शॉपिंग मॉल्स बंद करने का आदेश नहीं दिया था। सरकार की ओर से यह मात्र एक सुझाव था। सदन में दिए गए अपने बयान में आजम खान ने कहा, बिजली आपूर्ति की समस्या को देखते हुए सरकार ने ऐसा सुझाव दिया था कि शाम 7 बजे तक बाजार और शॉपिंग मॉल्स बंद किए जा सकते हैं|

गौरतलब है कि आजम खान ने जब सरकार की ओर से यह बयान दिया उस समय विपक्षी दल बीजेपी और कांग्रेस के सदस्य मौजूद नहीं थे। इससे पहले, विधानसभा सत्र के दौरान राज्य में बिजली आपूर्ति का मुद्दा जोर-शोर से उठा। इस मुद्दे को लेकर बीजेपी ओर कांग्रेस के सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन कर दिया।विधानसभा की कार्यवाही सोमवार को 11 बजे जैसे ही शुरू हुई विपक्षी सदस्यों ने एकजुट होकर सरकार के उस फैसले का विरोध किया। बीजेपी के सदस्यों ने इस मुद्दे को लेकर जबर्दस्त हंगामा किया। विधानसभा में पार्टी के सचेतक राधामोहन दास अग्रवाल ने कहा कि सरकार का यह निर्णय पूरी तरह से गलत है। बीजेपी सदस्यों के सुर में सुर मिलाते हुए कांग्रेसी सदस्यों ने भी सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जल्द से जल्द इस फैसले को वापस लेने की मांग की|

उत्तर प्रदेश में बिजली आपूर्ति को लेकर एक दिन पहले दिए गए अपने आदेश पर यू-टर्न लेते हुए सरकार ने सदन में सोमवार को बयान दिया कि शाम सात बजे तक बाजार और शॉपिंग मॉल्स बंद नहीं होंगे|

विधानसभा में विपक्ष के तेवरों से घबरायी सरकार की ओर से सफाई देते हुए नगर विकास मंत्री आजम खान ने कहा कि सरकार ने बाजार और शॉपिंग मॉल्स बंद करने का आदेश नहीं दिया था। सरकार की ओर से यह मात्र एक सुझाव था। सदन में दिए गए अपने बयान में आजम खान ने कहा, ”बिजली आपूर्ति की समस्या को देखते हुए सरकार ने ऐसा सुझाव दिया था कि शाम सात बजे तक बाजार और शॉपिंग मॉल्स बंद किए जा सकते हैं।” उल्लेखनीय है कि आजम खान ने जब सोमवार को सरकार की ओर से यह बयान दिया उस समय विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस के सदस्य मौजूद नहीं थे। इससे पहले, विधानसभा सत्र के दौरान राज्य में बिजली आपूर्ति का मुददा जोर-शोर से उठा। इस मुद्दे को लेकर भाजपा ओर कांग्रेस के सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन कर दिया। विधानसभा की कार्यवाही सोमवार को 11 बजे जैसे ही शुरू हुई विपक्षी सदस्यों ने एकजुट होकर सरकार के उस फैसले का विरोध किया। भाजपा के सदस्यों ने इस मुद्दे को लेकर जबर्दस्त हंगामा किया। विधानसभा में पार्टी के सचेतक राधामोहन दास अग्रवाल ने कहा कि सरकार का यह निर्णय पूरी तरह से गलत है। भाजपा सदस्यों के सुर में सुर मिलाते हुए कांग्रेसी सदस्यों ने भी सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जल्द से जल्द इस फैसले को वापस लेने की मांग की। गौरतलब है कि बिजली आपूर्ति की दिक्कतों को देखते हुए राज्य सरकार ने प्रदेश भर की सभी दुकानों और मॉल को शाम सात बजे के बाद बंद किए जाने का आदेश दिया था|

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