एजेंसी। सूरत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बंद गले के जिस सूट को लेकर पिछले दिनों विवाद खड़ा हो गया था उसे आज यहां एक नीलामी में एक खरीददार ने 4.31 करोड़ रूपए में खरीद लिया। नीलामी के आखिरी दिन भी सूट की बोली लगाने वालों में होड़ मची रही। मोदी ने 25 जनवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की भारत यात्रा के दौरान उनसे मुलाकात के समय गहरे नीले रंग के इस सूट को पहना था। जिसे सूरत के हीरा कारोबारी लालजी पटेल और उनके बेटे ने नीलामी के आखिरी क्षणों में तेजी से बढ़ती बोली के बीच खरीद लिया। जिला कलेक्टर राजेंद्र कुमार ने शाम पांच बजे तीन दिनी नीलामी के समापन पर घोषणा की, धर्मानंद डायमंड कंपनी के लालजी पटेल और उनके बेटे हितेश पटेल ने सूट को 4.31 करोड़ रूपए में खरीद लिया है। नीलामी के आखिरी एक घंटे में गहमागहमी देखने को मिली और सूट के लिए तेजी से बोली बढ़ती चली गई। खबरों में इस सूट की कीमत करीब 10 लाख रूपए बताई गई थी। नीलामी में सूट का कोई आधार मूल्य नहीं तय किया गया था। प्रधानमंत्री के पूरे नाम नरेंद्र दामोदरदास मोदी की कढ़ाई वाले सूट की शुरूआती बोली बुधवार को 11 लाख रूपए की लगी थी।

जिलाधिकारी कुमार ने कहा कि पांच बजे की समयसीमा के बाद पांच करोड़ रूपए की एक बोली समेत कुछ बोलियां आईं लेकिन उन्हें समय निकल जाने के कारण नामंजूर कर दिया गया। उत्साहित लालजी पटेल ने संवाददाताओं से कहा कि वह देश के लिए कुछ करना चाहते थे और नीलामी ने उन्हें यह करने का अवसर दिया। उन्होंने कहा, मैं हमेशा से देशहित में कुछ करना चाहता था। इस आयोजन ने मुझे राष्ट्रहित में कुछ करने का मौका दिया। मुझे कभी नहीं लगा था कि यह शानदार सूट मेरे पास आएगा। पटेल ने कहा, कई लोग इस सूट को खरीदना चाहते थे। सभी का नेक इरादा था क्योंकि उन्हें पता था कि वे जो पैसा खर्च करेंगे वह गंगा सफाई अभियान में जाएगा। मैंने भी इसी इरादे के साथ बोली लगाई थी। पटेल के बेटे हितेश ने कहा कि उनके परिवार का गंगा से विशेष रिश्ता है। हितेश पटेल ने कहा, हर साल हम 10-15 दिन गंगा के किनारे और खासतौर पर रिषीकेश में बिताते हैं। इसलिए हमारा इस नदी से खास, आध्यात्मिक और मांगलिक रिश्ता है। उन्होंने कहा, हमने सूट के लिए चार करोड़ 31 लाख 31 हजार रूपए की बोली लगाई क्योंकि यह पैसा गंगा की सफाई में लगाया जाएगा। हमने कभी नहीं सोचा था कि इतने कम पैसे में हमें सूट मिल जाएगा। हितेश ने कहा कि वह इस सूट की नाप अपने हिसाब से कराके इसे पहनेंगे और बाद में इसे अपने पारिवारिक प्रतिष्ठान ‘धर्मानंद डायमंड्सÓ के रिसेप्शन में रखेंगे।

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