– पीजी, एमफिल व पीएचडी कोर्सेस की ट्यूशन फीस में हुई दोगुनी बढ़ोत्तरी

– मैनेजमेंट कोर्सेस में दस फीसदी की बढ़ोत्तरी

– अन्य मदों में हुई करीब साढ़े तीन गुने की बढ़ोत्तरी

– बढ़ी हुई फीस सेशन 2015-16 से होगी लागू

बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी में रेगुलर कोर्सेस की फीस दोगुना तक बढ़ाने के प्रस्ताव को एकेडमिक काउंसिल ने मंजूरी प्रदान कर दी है. शुक्रवार को यूनिवर्सिटी में आयोजित हुए एकेडमिक काउंसिल की रिवीजन कमेटी बैठक आयोजित की गई. जिसमें यूनिवर्सिटी ने अपने 17 वर्षों के इतिहास में पहली बार फीस को रिवाइज किया है. बीबीएयू प्रशासन ने स्टूडेंट्स से विभिन्न मदों में लिए जाने वाले फीस में करीब दो फीसदी की बढ़ोत्तरी कर दी है. इसके अलावा यूनिवर्सिटी ने एकेडमिक काउंसिल ले एक से अधिक कोर्सेस में एडमिशन लेने वाले स्टूडेंट्स को फीस में राहत देने का भी  निर्णय लिया है.

कमेटी ने सात प्रतिशत फीस बढ़ोत्तरी कर रखा था प्रस्ताव:-

बीबीएयू ने अपने फीस रिवाइज करने की प्रक्रिया पिछले साल ही तैयारी शुरू कर दिया था. पर स्टूडेंट्स के विरोध के बाद यूनिवर्सिटी ने इस प्रशासन प्रस्ताव को वापस ले लिया था. इस साल यूनिवर्सिटी प्रशासन ने फीस रिवाइज करने के लिए एक कमेटी का गठन कर दिया था. इस कमेटी ने विभिन्न कोर्सेस की फीस में सात प्रतिशत बढ़ोत्तरी करने का प्रस्ताव दिया था. जिस पर वीसी प्रो. आरसी सोबती ने दो प्रतिशत ही फीस बढ़ोत्तरी के मूड में थे. बीबीएयू के स्थापना के 1997 के बाद से पहली बार फीस में बढ़ोत्तरी कर दिया है.

53 कोर्सेस की हुई डबल:-

बीबीएयू के एकेडमिक काउंसिल ने अपने पोस्ट ग्रेजुएट पीजी के 23 कोर्सेस और पीएचडी के 22 रेगुलर कोर्स, एमफिल के आठ कोर्सेस में फीस बढ़ाने की मंजूरी प्रदान की है. वहीं एमए, एमएससी और दूसरे प्रोफेशनल कोर्सेस की फीस में 2100 से 3000 से 4200 से 6000 तक कर दी गई है. इसके अलावा पीएचडी की फीस दो हजार से बढ़ाकर चार हजार कर दी गई है. वहीं बीबीएयू प्रशासन ने एमबीए के सेल्फ फाइनेंस कोर्सेस की फीस में भी  दस फीसदी की बढ़ोत्तरी की है. लास्ट इयर यूनिवर्सिटी ने एमबीए मार्केटिंग, एग्जीक्यूटिव मैनेजमेंट मीडिया बिजनेस मैनेजमेंट, ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट और टूरिज्म मैनेजमेंट की फीस 75000 से घटाकर 40000 कर दी थी. इस सेशन से यह फीस बढ़ाकर 44 हजार कर दी गई है. इसके अलावा यूनिवर्सिटी ने शिक्षकों को पीएचडी करने के लिए अनिवार्य रूप से दो साल की एकेडमिक लीव देने का फैसला किया है. इससे पहले तक शिक्षक केवल कोर्सवर्क की अवधि के लिए ही अवकाश लेते थे.

 

( ट्यूशन फीस में हुई बढ़ोत्तरी

कोर्स    पुरानी ट्यूशन फीस  –  प्रस्तावित ट्यूशन फीस  – नई ट्यूशन फीस

पीजी             1250                     2500                             2500

पीएचडी          2000                  10000                        4000

एमफिल          10000                 15000                      10000

 

अन्य मदों में फीस की बढ़ोत्तरी :-

फीस           पुरानी फीस   –  प्रस्तावित फीस   –  नई फीस

एडमिशन          1000       3000           1500

एनरोलमेंट         100         500             200

मेडिकल एग्जामिन  100         200             200

स्पोर्ट्स             100         300             200

लाइब्रेरी            100         100             100

आईकार्ड            75         500             100

लैब                 350       2000            1000

लैब कॉशनमनी     200       3000             1000

लाइब्रेरी कॉशानमनी  200     1500             1000

जनरल काशनमनी    300      2000            1000

एमफिल/पीएचडी थीसिस  00  2500            2500

 इवैल्यूएशन फीस   500      1000            1000

स्टूडेंट वेलफेयर    150        500             300

दीक्षांत व डिग्री       00      1000             1000

टोटल               3175     17100          11100 )

 

” यूनिवर्सिटी में 17 सालों में फीस में बढ़ोत्तरी नहीं की गई थी. फीस बढ़ाने के लिए बनी कमेटी ने पांच से सात प्रतिशत फीस बढ़ाने का प्रस्ताव दिया था. लेकिन छात्रों के हितों को देखते हुए केवल दो प्रतिशत बढ़ोत्तरी की गई है.”

डॉ. कमल जायसवाल, प्रवक्ता, एलयू

Bbau

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