– डिग्री कॉलेजों के शिक्षकों को मिल सकती है पीएचडी कराने की जिमेदार

लखनऊ यूनिवर्सिटी में पीएचडी कोर्सेज में एडमिशन के लिए होने वाली एंट्रेंस एग्जाम में स्कॉलरशिप पाने वाले कैंडीडेट्स को एडमिशन में वरीयता दी जाएगी. वहीं अब पीएचडी की थीसिस कम से कम ढ़ाई साल बाद ही सबमिट हो पाएगी. पीएचडी करने वाले स्टूडेंट्स को दो वर्ष का रिसर्च करना अनिवार्य बनाया जाएगा. इंटरडिस्प्रलनरी रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए वैज्ञानिक संस्थानों के एक्सपर्ट को रिसर्च सुपरवाइजर बनाया जाएगा और वहां के स्टूडेंट्स को भी एलयू से पीएचडी करने की छूट होगी. वहीं डिग्री कॉलेजों में अब शिक्षक पीएचडी करवा सकेंगे. ऐसे पीजी कॉलेज जहां पर रिसर्च करवाने की सुविधा है और वहां के शिक्षकों के रिसर्च पेपर   याति प्राप्त जर्नल में छपे होंगे उन्हें रिसर्च सुपरवाइजर बनाया जाएगा. एलयू के पीएचडी के नए आर्डिनेंस तैयार हैं. यूनिवर्सिटी प्रशासन इन आर्डिनेंस को अंतिम रूप देकर इसी सेशन 2015-16 से लागू करने की तैयारी कर रहा है.

दो साल का रिसर्च होगा अनिवार्य:-

लखनऊ यूनिवर्सिटी के पीएचडी के आर्डिनेंस बनाने की जि मेदारी प्रो. विभूति राय को दी गई थी. प्रो. राय ने पीएचडी के आर्डिनेंस

तैयार कर यूनिवर्सिटी प्रशासन को सौंप दिए हैं. इसमें स्कॉरशिप पाने वाले स्टूडेंट्स को एडमिशन में वरीयता दी जाएगी. प्रो. राय ने बताया कि डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्रोलॉजी, सीएसआईआर, यूजीसी की राजीव गांधी फैलोशिप, मौलाना आजाद स्कॉलरशिप,

जूनियर रिसर्र्च फैलोशिप व सीनियर रिसर्च फैलोशिप आदि पाने वाले स्टूडेंट्स को एडमिशन में वरीयता दी जाएगी. इनके जो आवेदन आएंगे उनमें खाली सीटों पर सीधे एडमिशन होंगे. वहीं अभी तक पीएचडी में एडमिशन पाने वाले स्टूडेंट छह मंथ का कोर्स वर्क करने के बाद अपनी रिसर्च थीसिस दो साल में जमा कर सकते हैं. मगर अब इस छह महीने के कोर्स वर्क को इससे अलग कर दिया जाएगा और इसके बाद कम से कम दो साल रिसर्च करने के बाद ही कैंडीडेट्स अपनी थीसिस जमा कर पाएगा. यानि अब उसे छह महीने अधिक समय देना होगा.

डिग्री कॉलेज के शिक्षकों को मिल सकती है जिमेदारी:-

वहीं डिग्री कॉलेजों के शिक्षकों को भी अब पीएचडी करवाने का मौका दिया जाएगा. ऐसे कॉलेज जहां पर पीजी कोर्स चल रहे हैं और वहां रिसर्च करवाने के लिए पर्याप्त संसाधन हैं उनके शिक्षकों को यह छूट मिलेगी. वहीं रिसर्च करवाने वाले शिक्षक के रिसर्च पेपर भी अच्छे रिसर्च जर्नल में छपे होने चाहिए. फिलहाल पीएचडी के नए आर्डिनेंस एलयू प्रशासन को सौंप दिए गए हैं.

scholarship2012

 

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