उत्तर प्रदेश टेक्निकल यूनिवर्सिटी (यूपीटीयू) से स बद्ध 700 इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट कॉलेजों में एडमिशन के लिए हर साल आयोजित होने वाला उत्तर प्रदेश राज्य स्तरीय संयुक्त प्रवेश परीक्षा (यूपीएसईई)-2015 को लेकर अ ाी तक कोई प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है. यूपीटीयू की ओर से हर साल अप्रैल के थर्ड संडे को यूपीएसईई की परीक्षा आयोजित कराई जाती है. इसी कड़ी में इस बार यह परीक्षा 19 अप्रैल को आयोजित की जाएगी. मगर प्रवेश परीक्षा से पहले एसईई के लिए आवेदन प्रक्रिया स्टार्ट होगा इस पर कोई निर्णय नहीं हुआ है. वहीं, यूपीटीयू प्रशासन शासन की ओर से इस मामले में नोटिफिकेशन जारी कर दिया है.
कैब की बैठक को लेकर संशय
यूपीटीयू अपने स भी 700 कॉलेजों में एडमिशन एसईई के माध्यम से ही करता है. इसके लिए यूपीटीयू की ओर से फरवरी में फस्र्ट वीक में ही एसईई के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर देता है. लेकिन, इस बार यूपीटीयू प्रशासन और शासन में चल रही ाींचतान के कारण यह प्रक्रिया अ ाी तक शुरू नहीं हो सकी है. प्रदेश सरकार की ओर से नोटिफिकेशन जारी न होने के कारण फरवरी का दूसरा ह ता बीतने के बाद ाी सेंट्रल एडमिशन बोर्ड की बैठक कब आयोजित होगी, इस पर अ ाी तक कोई निर्णय नहीं हो सका है.
शासन और यूनिवर्सिटी में चल रही है ाींचतान
यूपीटीयू के दीक्षांत समारोह से पहले यूनिवर्सिटी में हुई समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने फरवरी मंथ के फस्र्ट वीक में एसईई के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू करने का दावा किया था. इसके लिए वाइस चांसलर डॉ. आरके ाांडल की ओर से एसईई आयोजित कराने के लिए प्रो. जेपी सैनी को कोऑडिनेटर नियुक्ति किया था. लेकिन, इसी बीच शासन के बढ़ते दवाब के बाद 19 जनवरी को वीसी ने अपना इस्तीफा गवर्नर को ोज दिया. गवर्नर की ओर से इस्तीफा स्वीकार न किए जाने की वजह से वीसी डॉ. ाांडल को दोबारा से कामकाज संभालना पड़ा. सूत्रों की माने तो शासन और यूनिवर्सिटी अधिकारियों के बीच समन्वय न होने के चलते एसईई की प्रक्रिया के लिए होने वाली सेंट्रल एडमिशन बोर्ड की बैठक भी नहीं हो सकी. जिसके चलते अभी तक एसईई के बारे में कोई कवायद भी नहीं शुरू की जा सकी.
कॉलेजों को होगा नुकसान
लेटलतीफ प्रक्रिया शुरू होने के चलते हर बार सीटों के मुकाबले आवेदन का आंकड़ा कम ही रहता है. वहीं समय कम होने के चलते आवेदन की डेट बढ़ाने का समय भी नहीं मिल पाता है. क्योंकि अप्रैल के थर्ड वीक में एंट्रेंस एग्जाम होना प्रस्तावित है. लेटलतीफ प्रक्रिया से कॉलेजों में एडमिशन के लिए छात्र ही नहीं मिलते क्योंकि ज्यादातर छात्र बाहर के स्टेट में एडमिशन लेकर चले जाते हैं. वहीं यूनिवर्सिटी से अलग होकर यूनिवर्सिटी बने मदन मोहन मालवीय टेक्निकल यूनिवर्सिटी ने अपने यहां एडमिशन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है.

“शासन की ओर से नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है. कैब की बैठक आयोजित कर थर्ड वीक में आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दिया जाता है.”
– प्रो. जेपी सैनी
एडमिशन कोऑडिनेटर
यूपीएसईई-2015

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