भारत में डायबिटिज के मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण इसे डायबिटिज कैपिटल कहा जाने लगा है। इसका सबसे बड़ा कारण है- हमारी जीवन शैली में बदलाव।

आधुनिक जीवनशैली की बात करें तो आज डायबिटिज होने की कोई निश्चित उम्र नहीं रह गई है। बच्चे, युवा और बुजुर्ग हर कोई इस बीमारी की चपेट में आ रहा है। भारत में अब सबसे ज्यादा प्रभाव युवाओं में देखने को मिल रहा है। गलत खान-पान, जंक फूड, स्ट्रीट फूड और शराब-सिगरेट की लत खतरनाक बीमारियों को दावत दे रही है।

कहा जाता है जो व्यक्ति स्वस्थ जीवनशैली अपनाता है, वह सारी बीमारियों से दूर रहता है और बुढ़ापा भी देर से आता है। दरअसल, गलत जीवनशैली कई बुरी आदतें भी अपने साथ लाती है। जंक फूड का बढ़ता चलन युवाओं को मोटापे की ओर धकेल रहा है। मोटापा वैसे भी कई बीमारियों की जड़ है। इनमें से एक है- मधुमेह। मगर अपने खान-पान में थोड़ा बदलाव कर आप इसे रोक सकते हैं। शराब और सिगरेट का सेवन कम उम्र में ही मोटापा, हार्ट डिजिज और मधुमेह का कारण बन रहा है। कम उम्र में हुई मौतों के लिए ये बीमारियां जिम्मेदार होती हैं।

हम मानें या ना मानें, पर जिस तरह युवाओं और बच्चों की जीवनशैली और खानपान में बदलाव आ रहा है, उसका अगर समय रहते हल नहीं ढूंढ़ा गया, तो देश का भविष्य मानी जाने वाली यह पीढ़ी कई बीमारियों की चपेट में होगी। किशोर और युवा सिगरेट, शराब या बाहर के खाने को जिस तरह तरजीह दे रहे हैं वह चिंता का विषय है। देर रात तक जागना भी इनका लाइफ स्टाइल बन चुका है। नतीजा कई मानसिक विकार भी घर करने लगे हैं। आलस, थकान और मोटापा सेहत की सबसे बड़ी दुश्मन बनती जा रही है। डायबिटिज के साथ-साथ युवा अब इन बुरी आदतों के कारण हाई कोलेस्ट्राल के मरीज भी बन रहे हैं।

कुछ साल पहले विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट में इस बात का खुलासा किया गया था कि जिस तरह युवाओं और किशोरों की जीवनशैली में अचानक बदलाव आए हैं। इस कारण कम उम्र में ही वे मधुमेह, कैंसर और हार्ट की समस्याओं से ग्रस्त होते जा रहे हैं। सही खान-पान का न होना और गलत जीवन शैली के कारण ये बीमारियां तेजी से अपने पांव पसार रही हैं। अफसोस की बात यह है कि जितनी भी बुरी आदतें हैं, सिर्फ फैशन और दिखावे में बने रहने के लिए हैं। परिवार के संस्कार और आदर्श को ताक पर रख कर ये युवा तो इन बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। इसका खमियाजा इनके परिवार को भी भुगतना पड़ता है।

दरअसल, आज युवाओं का एक बड़ा वर्ग ऐसी कई आदतों का शिकार है, जिससे वे समय से पहले ही मधुमेह से ग्रस्त हो रहे हैं। इन तमाम हालात के बावजूद अपने खानपान और दिनचर्या में बदलाव लाकर युवा इस मधुमेह से मुक्ति पा सकते हैं।

जंक फूड जैसे बर्गर, चिप्स, पिज्जा, कोला या कोई भी रेडीमेड फूड सेहत की सबसे बड़ी दुकान है। अच्छा होगा कि हरी सब्जियां, फल, सलाद वगैरह अपने भोजन में शामिल करें।

अपने व्यस्त समय में से थोड़ा समय योग और व्यायाम के लिए भी निकालें। आलस छोड़कर शारीरिक मेहनत करें। अपनी ऊर्जा सही दिशा में लगाएं। दिखावे के फेर में न फंसें।

सिगरेट-शराब सेहत को काफी नुकसान पहुंचाते हैं। इन्हें न कहें। स्वस्थ दिनचर्या ही सही सेहत देती है और साथ ही कई बीमारियों से भी बचाती है।images (1)

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