प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में कारोबार करने की प्रक्रिया आसान करने का वादा करते हुए सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय सभी बड़ी परियोजनाओं की नियमित निगरानी करेगा। मोदी ने यहां भारत-अमेरिका मुख्यकारी गोलमेज सम्मेलन में अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा की मौजूदगी में दोनों देशों के उद्योगपतियों से कहा कि सरकार कारोबारियों के बाधाओं को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय समय समय पर बड़ी परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करता है और नियमित निगरानी रखता है। उन्होंने कहा कि उद्योग की सभी समस्याओं का समाधान जनहित में सुशासन है और यही एकमात्र इसका हल है। नीति पर आधारित व्यवस्था पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि इससे कई समस्याओं का समाधान होगा और सरकार एक निश्चित नीति पर चलेगी। मोदी ने उद्योगपतियों से कहा कि आपके द्वारा उठाए गए मुद्दों से मुझे स्थिति की सही जानकारी मिली है और इनका समाधान तलाशने में मदद मिलेगी। मोदी ने कहा कि भारत मे क्रय शक्ति बढ़ाने के लिए अर्थव्यवस्था में सुधार करने की जरूरत है और यह तभी होगा जब बुनियादी ढांचे और कृषि क्षेत्र में भारी निवेश होगा। सम्मेलन में ओबामा ने कहा कि द्विपक्षीय निवेश संधि से दोनों देशों को लाभ होगा। दोनों देशों के बीच अधिक से अधिक निवेश और व्यापार होना चाहिए। यह दोनों देशों की जनता के हित में होगा। दोनों देशों का स्वाभाविक भागीदार बताते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि दोनों पक्ष तर्कसंगत नियमों के पक्ष में हैं। दोनों देशों के बीच पिछले कुछ वर्षों में आपसी व्यापार में 60 प्रतिशत वृद्धि की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि मैं बहुत उत्साहित हूं कि न केवल अमेरिकी कंपनियां भारत में निवेश करना चाहती है, बल्कि भारतीय कंपनियां भी अमेरिका में निवेश कर रही है। ओबामा ने भारतीय की उद्यमशीलता की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारत की कंपनियों ने दुनिया भर में अपना परचम फहराया है। इसमें दोनों देशों के 30 कंपनियों के प्रमुखों ने भाग लिया। जिनमें 17 भारत के और 13 अमेरिका के थे। modi

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