रेल बजट पेश किये जाने से एक महीना पहले रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने यात्री किराये में बढ़ोतरी के संकेत दिए है. भारतीय रेल में फॉरन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के विषय पर एक राष्ट्रीय सेमिनार में हिस्सा लेने के लिए यहां आए श्री प्रभु ने कहा कि रेलवे की तेजी से विकास के लिए हरसंभव स्रोत से निवेश की जरूरत है.
मीडिया के सवाल पूछे जाने पर कि क्या रेलवे की माली हालत खराब होने के उनके बयान का मतलब यह है कि किराया बढ़ाया जाएगा, प्रभु ने कहा, रेलवे का बोझ आम आदमी का बोझ है क्योंकि रेलवे डिपार्टमेंट आम आदमी का ही है. इसे हमें ठीक से चलाना है और लोगों को अधिक से अधिक सुविधाएं देनी है. लेकिन उन्होंने इस बात का ब्योरा नहीं दिया कि अगर रेल किराये में वृद्धि होगी तो कितनी होगी. लेकिन उन्होंने रेलवे के फाइनैंशल और टेक्नॉलजिकल इन्वेस्टमेंट की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि फॉरन पेंशन फंड्स और दूसरे संस्थानों जैसे नए स्रोतों से निवेश जुटाने पर गौर किया जा रहा है.
प्रभु ने प्रधानमंत्री मोदी के इस बात को दुहराया कि रेलवे का निजीकरण नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि रेलव को भारत सरकार ही चलाएगी. उन्होंने कहा कि वित्तीय संस्थान अच्छा रिटर्न तो चाहते हैं, लेकिन ओनरशिप लेना नहीं चाहते हैं.
रेल मंत्री ने कहा कि पीपीपी और एफडीआई पर सरकार का कोई भी निर्णय इस आधार पर होगा कि रेलवे और अर्थव्यवस्था का विकास सुनिश्चित हो. उन्होंने रेलवे की क्षमता और उत्पादकता बढ़ाने पर जोर दिया ताकि रेलवे को और बेहतर सुविधाजनक बनाया जा सके, अधिक से अधिक राजस्व जुटाया जा सके.pra

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