arunवित्त मंत्री अरूण जेटली ने सब्सिडी पर मिलने वाले रसोई गैस सिलेंडर नहीं लेने का फैसला किया है। इस तरह से जेटली उन लोगों में शामिल हो गये हैं जिन्होंने बाजार भाव पर एलपीजी सिलेंडर खरीदने का फैसला किया है।
अच्छी माली हालत वाले ऐसे लोगों की संख्या बढ रही है जो खुद के फैसले के तहत सब्सिडी वाले सिलेंडर के बजाय बाजार भाव पर रसोईं गैस लेने लगे हैं।
पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने ट्विट किया है, अदारणीय वित्त मंत्री ने सब्सिडी युक्त एलपीजी छोडकर एक उदाहरण प्रस्तुत किया है। अन्य सहयोगी और लोग जो ऐसा करने में सक्षम हैं, उन्हें इस पहल से जुडना चाहिए।
सरकार ने धनी लोगों से सब्सिडी पर मिलने वाला एलपीजी सिलेंडर छोडने की अपील की है ताकि सब्सिडी उन लोगों के लिये उपलब्ध हो जिनको वाकई में इसकी जरूरत है।
कई महीने पहले सब्सिडी वाला रसोई गैस सिलेंडर लेना छोड चुके प्रधान ने समृद्ध वर्ग से बाजार भाव से कम पर मिलने वाला एलपीजी सिलेंडर छोडने की अपील की है।
उन्होंने ट्विट कर कहा, स्वेच्छा से सब्सिडी वाला एलपीजी सिलेंडर छोडना वास्तव में देश के विकास तथा गरीब लोगों के सशक्तिकरण में योगदान होगा…।
उन्होंने मंत्रियों, सांसदों, विधायकों, वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों तथा सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के कार्यकारियों से अपनी सब्सिडी छोडने का अनुरोध किया।
सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने एलपीजी ग्राहकों को अपनी मौजूदा घरेलू एलपीजी कनेक्शन को गैर-सब्सिडी वाले घरेलू कनेक्शन में तब्दील करने का विकल्प दिया है। वितरक कंपनी या डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डाट माई एलपीजी डाट इन पर इलेक्ट्रानिक रूप से इसका अनुरोध किया जा सकता है।
उपभोक्ताओं को फिलहाल साल में 14.2 किलो का 12 सिलेंडर या पांच किलो का 34 सिलेंडर सब्सिडी पर मिलता है। इससे अधिक सिलेंडर उन्हें बाजार भाव पर लेना होता है।

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