दिल्ली सरकार ने मंगलवार को दिल्ली उच्च न्यायालय को बताया कि एप आधारित टैक्सी सेवाओं पर प्रतिबंध जारी रहेगा तथा इसका उल्लंघन करने वाले वाहनों को जब्त कर लिया जाएगा। वहीं दूसरी ओर, उबर इंडिया सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड ने दिसंबर में अपने परिचालन पर लगाई गई रोक के खिलाफ दायर अपनी याचिका वापस ले ली। 
दिल्ली सरकार ने न्यायमूर्ति राजीव शकधर को सूचित किया कि एक जनवरी 2015 के उसके ताजा आदेश के तहत ओला और उबर दोनों कैब सेवाओं को प्रतिबंधित कर दिया गया है। इस प्रतिबंध के बावजूद यदि कोई वाहन चल रहा है तो उसे जब्त किया जा रहा है।
उबर ने दावा किया था कि ओला कैब्स अभी भी उपलब्ध हैं। इस पर सरकार ने अदालत को प्रतिबंध के बारे में सूचित किया।
सरकार ने कहा कि उसने उबर के प्रतिवेदन पर उच्च न्यायालय के 24 दिसंबर के आदेश के आधार पर आदेश पारित किया था, जब अदालत ने कैब कंपनी को परिवहन विभाग से संपर्क करने के लिए कहा था।
मोबाइल एप के जरिए काम करने वाली अमेरिका आधारित कंपनी ने दिल्ली सरकार के आठ दिसंबर के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें उबर और ऐसी ही 20 अन्य कंपनियों को दिल्ली में परिचालन से रोक दिया गया था।
उबर टैक्सी के एक चालक द्वारा पांच दिसंबर की रात 27 वर्षीय एक महिला एक्जीक्यूटिव से बलात्कार किए जाने की घटना के बाद सरकार ने इस तरह की टैक्सी सेवाओं को प्रतिबंधित करने का कदम उठाया था।cab

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