नई दिल्ली
अमेरिकी कैब कंपनी उबर के खिलाफ पुलिस ने सोमवार को एफआईआर दर्ज कर दी। शुक्रवार की रात को इसी कंपनी के कैब ड्राइवर ने मल्टीनैशनल फर्म में काम करने वाली 26 वर्षीय फाइनैंस एग्जिक्यूटिव के साथ रेप किया था।

उत्तरी दिल्ली के डेप्युटी कमिश्नर मधुर वर्मा ने बताया आईपीसी की धारा 420 के तहत उबर कैब सर्विस के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। कंपनी अपने ग्राहकों से सुरक्षित सवारी और कुशल ड्राइवर उपलब्ध कराने का वादा करती थी। ऐसा सामने आया है कि उबर कैब सर्विस अपने निर्धारित वादों को पूरा करने में नाकाम रही।

इससे पहले दिल्ली पलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हम कंपनी के सीआरपीसी सेक्शन 188 के तहत भी केस दर्ज कर सकते हैं। इसके तहर उबर कैब सर्विस के खिलाफ अपराध की अनदेखी और उकसाने का भी मामला बन सकता है। वरिष्ठ अधिकारी का कहना था कि पुलिस पहले यह जानना चाहती थी कि ग्राहक और इसके ड्राइवर को संपर्क में लाने में कंपनी की क्या भूमिका है?कैब ड्राइवर द्वारा 25 वर्षीय युवती के रेप के बाद जनता के आक्रोश को देखकर पूरी मुस्तैदी से जांच शुरू की गई। जिसके तहत रविवार को कब ड्राइवर की मथुरा से गिरफ्तारी हुई। taxi

पुलिस अधिकारी ने बताया कि जांच टीम इस बात की पूरी जानकारी ले रही थी कि कंपनी ग्राहक और ड्राइवर को ऐप के जरिये कैसे संपर्क में लाती है। अगर ड्राइवर कोई अपराध करे तो कंपनी की क्या जिम्मेदारी होगी? कंपनी का बिजनस मॉडल क्या है? ह किस तरह से काम करता है। इसके प्रमोटर्स कौन हैं?

जांच टीम से जुड़े सूत्रों ने बताया कंपनी के जनरल मैनेजर (मॉर्केटिंग) गगन भाटिया से दिन भर चली पूछताछ में कई सवालों के जवाब नहीं दे सके। भाटिया ने खुद को कंपनी का भारत में ऑपरेशन हेड बताया, लेकिन कई सवालों के जवाब और पुलिस को पूरी जानकारी देने में नाकाम रहे। पुलिस भाटिया के जवाबों से असंतुष्ट है। जांच टीम ने कंपनी से भारत में कंपनी के ऑपरेशन से जुड़े सभी दस्तावेजों को जमा कराने के लिए कहा है।

जांच टीम के अधिकारी ने कहा कि गौरव भाटिया ने पहले बताया कि भारत में कोई ऑपरेशन हेड अलग से नहीं है। मैं भारत में कंपनी के ऑपरेशन की रिपोर्टिंग ईएमईए हेड (यूरोप-मिडिल ईस्ट-एशिया) को करता हूं। पुलिस का कहना है कि भाटिया के जवाब और उसके द्वारा जमा किए दस्तावेज से संतुष्ट न होने पर ईएमईए हेड को भी बुलाया जा सकता है। साथ ही पुलिस का कहना है कि मोटर व्हीकल ऐक्ट के तहत भी कंपनी कई नियमों को तोड़ने के मामले में दोषी है।

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