शेयर बाजारों में चार सत्रों में पहली बार गिरावट आई। रिजर्व बैंक की मंगलवार को आने वाली मौद्रिक नीति की द्विमासिक समीक्षा व कमजोर वैश्विक संकेतों से बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 134.37 अंक टूटकर 28,559.62 अंक पर आ गया। वहीं नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी 32.35 अंक के नुकसान से 8,555.90 अंक रह गया।

वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों के पांच साल के निचले स्तर पर पहुंचने की वजह से तेल व गैस कंपनियों के शेयरों में सबसे अधिक गिरावट आई। बिजली,  धातु और पूंजीगत सामान कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली। वहीं टिकाऊ उपभोक्ता सामान कंपनियों के शेयरों में लिवाली रही। वाहन कंपनियों के शेयरों में भी मासिक बिक्री आंकड़ों की वजह से गतिविधियां देखने को मिलीं।

बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स शुरुआती लिवाली से एक समय दिन के उच्च स्तर 28,809.64  अंक पर पहुंच गया। बाद में मुनाफावसूली से यह 28,538.44  अंक के निचले स्तर तक गया। अंत में यह 134.37 अंक या 0.47 प्रतिशत के नुकसान से 28,559.62  अंक पर आ गया। पिछले तीन सत्रों में सेंसेक्स 355 अंक चढ़ा था।

इसी तरह नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी 8,605.10  अंक पर खुलने के बाद 8,623  अंक के उच्च स्तर तक गया। अंत में यह 32.35 अंक या 0.38 फीसदी के नुकसान से 8,555.90 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स के 30 शेयरों में ओएनजीसी,  हिंडाल्को,  भेल,  रिलायंस इंडस्ट्रीज,  टाटा पावर,  टाटा स्टील,  महिंद्रा एंड महिंद्रा तथा सेसा स्टरलाइट में गिरावट आई।sensex low

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