आतंकी संगठन अलकायदा बोकारो समेत प्रदेश के अन्य शहरों में आतंकियों के स्लीपर सेल को जगा कर अपने नापाक मनसूबों को अमलीजामा पहना सकता है। अलकायदा प्रमुख अल जवाहरी भारतीय उप महाद्वीप को अपना निशाना बनाने की फिराक में हैं। आइबी रिपोर्ट पर केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने झारखंड पुलिस मुख्यालय को पत्र भेज कर आगाह किया है।

इधर, स्पेशल ब्रांच ने बोकारो समेत सभी जिलों के एसपी को इससे संबंधित अलर्ट भेजा है। अलर्ट के बाद पुलिस आतंकियों के स्लीपर सेल की तलाश में जुट गई है। पटना ब्लास्ट के बाद एनआइए की जांच में भी यह बात जाहिर हो चुकी है कि रांची में इंडियन मुजाहिद्दिन के सैकड़ों आतंकियों का ठिकाना है। जो जरूरत के अनुसार प्रदेश के अलग-अलग जगहों पर अपना ठिकाना बदल कर रह रहे हैं। अलर्ट में कहा गया है कि आतंकियों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। वह कहीं भी हो सकते हैं। इस लिहाज से सूचना के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित करें।

क्या है स्लीपर सेल
स्लीप सेल आतंकियों का एक विंग है, जो घटना के पहले और बाद में अलग-अलग ठिकानों पर रोजमर्रा के दैनिक काम में लगा रहता है। उसकी गतिविधि भी आम शहरी के तौर पर होती है। लेकिन उनका कनेक्शन आतंकियों के साथ होता है, जो बिना चिन्हित हुए सुषुप्त अवस्था में आतंकियों की मदद करते हैं। इतना ही नहीं कभी भी अचानक आदेश पाकर आतंकी हमले में शामिल होते हैं और घटना को अंजाम देकर पुण: रोजमर्रा के काम में जुट जाते हैं। सेवानिवृत्ति से पहले बोकारो आगमन पर तत्कालीन डीजीपी जीएस रथ ने भी आतंकियों के स्लीपर सेल होने की पुष्टि की थी।

बोकारो में आतंकी संभावना
बोकारो में आतंकियों के स्लीपर सेल की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता है। पटना ब्लास्ट से एक वर्ष पूर्व रांची और बेंगलुरु में पकड़े गए आतंकियों के पास से तीन ड्राइविंग लाइसेंस बरामद किए गए थे। जो बोकारो जिले के चास के पते पर बनाए गए थे। इसके अलावा बोकारो से लिप्ते प्रमुख प्रभाकरण का भी ड्राइविंग लाइसेंस फर्जी पते पर फर्जी तरीके से बनाया गया था। इन तथ्यों के आधार पर बोकारो में आतंकियों के स्लीपर सेल से इनकार नहीं किया जा सकता है।imagesddd

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