खुद प्रियंका गांधी के इंकार और कांग्रेस पार्टी की ओर से उनकी सक्रिय भूमिका को लेकर खंडन के बावजूद कांग्रेस जब-जब मुश्किल से रूबरू होती है, प्रियंका गांधी को कमान देने की मांग पार्टी में उठने लगती है। महाराष्ट्र और हरियाणा में हार के बाद यह मांग एक बार फिर से उठी है। कांग्रेस मुख्यालय पर प्रियंका गांधी को कमान देने की मांग को लेकर कार्यकर्ताओं के एक समूह ने प्रदर्शन भी किया। पार्टी नेता जगदीश शर्मा के नेतृत्व में यह कार्यकर्ता प्रियंका लाओ कांग्रेस बचाओ का नारा लगा रहे थे।

कांग्रेस में एक वर्ग मानता है कि पार्टी को मजबूत करने के लिए राहुल गांधी के ईमानदार प्रयासों के बावजूद उनमें वह अपील नही है जिसकी जरूरत आज कांग्रेस को है। राहुल गांधी की संवाद क्षमता को भी पार्टी का एक तबका बहुत आकर्षक नहीं मानता है। पार्टी में दबी जुबान में कुछ नेता मानते हैं कि राहुल गांधी में भीड़ को बांधने की क्षमता नहीं है। प्रियंका उनकी तुलना में अच्छी कम्युनिकेटर मानी जाती हैं।

मोदी का मुकाबला करने के लिए कांग्रेस में ऐसे नेतृत्व की कमी महसूस की जा रही है जो उन्हें ताकतवर तरीके से जवाब दे सके। गाहे बेगाहे कई वरिष्ठ नेताओं ने भी प्रियंका को राहुल की मजबूती के लिए आगे आने को कहा है। पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि प्रियंका भी अगर पार्टी में सक्रिय होती हैं तो इससे राहुल गांधी को और मजबूती मिलेगी। जबकि दूसरा वर्ग यह आशंका जाहिर करता है कि इससे राहुल गांधी की लीडरशिप पर सवाल उठेंगे और उनकी स्वीकार्यता कम होने के साथ ही पार्टी में सत्ता के कई केंद्र बन जाएंगे। गौरतलब है कि प्रियंका गांधी ने लोकसभा चुनाव में परदे के पीछे से अहम भूमिका निभाई थी।wsw

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