राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारी मण्डल की तीन दिवसीय बैठक शुक्रवार को यहां सरस्वती कुंज में शुरू हो गई। संघ ने साफ संकेत दिए हैं कि वह राम मन्दिर के मुद्दे पर नरेन्द्र मोदी सरकार पर अभी कोई दबाव नहीं बनाएगा। इसके बजाए सरकार को समय देगा।

संघ का कहना है कि यह मुद्दा भाजपा के चुनावी घोषणापत्र में पहले से शामिल है और केन्द्र सरकार के पास इसके लिए 2019 तक का समय है। बैठक में संघ प्रमुख मोहन भागवत व अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों के अलावा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी उपस्थित रहे।

संघ के सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि राम मंदिर का एजेण्डा तो देशहित में है ही। इसलिए इस मुद्दे पर बैठक में चर्चा की कोई आवश्यकता नहीं है। संघ ने पहले ही कह रखा है कि राम मंदिर निर्माण के लिए धर्माचार्य और विहिप आंदोलन में जो कदम लेंगे, हम उनका समर्थन करेंगे। जहां तक सरकार की बात है, यह भाजपा या सरकार से आप लोग पूछें।

उन्होंने कहा कि संघ मानता है कि सरकार की अपनी प्राथमिकताएं हैं। सरकार उनके अनुसार काम करेगी। सरकार को पहले बाकी चीजों और आम आदमी से जुड़ी ज्वलंत समस्याओं को हल करना चाहिए। प्रेस कांफ्रेंस में संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख डॉ. मनमोहन वैद्य भी मौजूद थे। index

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