भगवान ने आज के दिन जन्म लेकर जीवों को अहिंसा, स्याद्वाद और अपरिग्रह का संदेश दिया। सत्य और अहिंसा जैसे महान सिद्धान्त तो सामान्यतः सत्पुरुषों की श्रेणी में आने वाले सभी मनुष्यों में देखे जा सकते हैं। लेकिन महावीर की अहिंसा बहुत सूक्ष्म है।

उनके विचारों में जीवों की रक्षा कर लेना मात्र अहिंसा नहीं है किसी भी प्राणी को तकलीफ नहीं पहुंचाना मात्र अहिंसा नहीं है।

यदि किसी को हमारी मदद की आवश्यकता है और हम उसकी मदद करने में सक्षम भी हैं फिर भी हम उसकी सहायता न करें तो यह भी हिंसा है। जरूरतमंद की सहायता करना अहिंसा धर्म है। किसी की जान बचाने के लिए अहिंसक प्राणी अथवा प्रेम से भरा हुआ प्राणी अपनी जान भी दे देता है। इस तरह की उत्तम वृत्ति मनुष्यों में ही नहीं पशुओं में भी देखी जा सकती है।mahaveer swami

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