2014_9$largeimg215_Sep_2014_111748507मुंबई। मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर भाजपा और शिवसेना के बीच विवाद गहराता जा रहा है। आज सामना में छपे लेख में कहा गया है कि हम सत्ता के भूखे नहीं हैं, लेकिन जनता हमें अगर कोई जिम्मेदारी सौंपेगी, तो हम पीछे नहीं हटेंगे। गौरतलब है कि भाजपा ने शिवसेना के मुख्यमंत्री पद पर दावे को खारिज कर दिया है, जिसके बाद गंठबंधन का भविष्य खतरे में पड़ गया है।

आगामी महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए सीटों की साझेदारी लेकर शिवसेना-भाजपा गठबंधन में तनाव गहरा गया क्योंकि भाजपा ने शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के इस बयान को खारिज कर दिया कि भगवा की जीत की स्थिति में शीर्ष पद (मुख्यमंत्री पद) शिवसेना के पास जायेगा और वह यह पद ग्रहण करने के विरुद्ध नहीं हैं। भाजपा की कल शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के उस सार्वजनिक बयान से त्यौरियां चढ़ गयी जिसमें उन्होंने कहा था कि 15 अक्तूबर को होने वाले चुनाव में यदि भगवा गठबंधन सत्ता में आया तो महाराष्ट्र में शिवसेना का ही मुख्यमंत्री बनेगा। उद्धव ने कहा था, यह लोगों को तय करना है कि क्या वह मुझ पर भरोसा करते हैं। वे तय करेंगे कि चेहरा (मुख्यमंत्री) कौन हो,मैं किसी पद के लिए भाग नहीं रहा लेकिन मैं जिम्मेदारी से भी नहीं बचूंगा। लेकिन चेहरा केवल शिवसेना से ही होगा, शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में एक संपादकीय के माध्यम से भी भाजपा पर प्रहार किया है। लोकसभा चुनाव में मिली भारी जीत के बाद भाजपा महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में अधिक सीट दिये जाने की मांग पर अड़ी है।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.