2014_9$largeimg209_Sep_2014_073803647नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत को जन आंदोलन बनाने और उसमें अधिक हिस्सेदारी सुनिश्चित करने के लिए उसे आर्थिक गतिविधि से जोड़ने की अपील की है। प्रधानमंत्री ने एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम में सभी सरकारी विभाग भी सक्रिय हिस्सेदारी करेंगे। पंचायत स्तर तक के सरकारी कार्यालय स्वच्छता अभियान में शामिल होंगे जो कि 25 सितंबर से दीपावली यानी 23 अक्तूबर तक चलेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने वरिष्ठ मंत्रियों के साथ स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत के लिए बैठक की। इस बैठक में केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली, वेंकैया नायडू और नितिन गडकरी के अलावा कई और अधिकारी मौजूद रहें। मोदी ने स्वच्छ भारत अभियान में अधिक हिस्सेदारी सुनिश्चित करने के लिए इसे आर्थिक गतिविधि से जोडऩे की भी अपील की। पीएम मोदी ने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सफाई बेहद जरूरी है।
पहले भी प्रधानमंत्री मोदी स्वच्छता को पर्यटन और अर्थव्यवस्था से जोड़ते हुए इस पर विशेष जोर देते रहे हैं। पीएम मोदी के मुताबिक विश्व पटल पर देश को टॉप के 50 पर्यटन स्थलों में शामिल कराने के लिए विश्व स्तर के स्वच्छता अभियान की जरूरत है। प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले के प्राचीर से अपने पहले स्वतंत्रता दिवस भाषण में 2019 तक हर घर में शौचालय बनाने की बात कही थी। साथ ही प्रधानमंत्री ने कहा था कि गरीबों के सम्मान के लिए स्वच्छता बेहद जरूरी है।
इस बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि स्वच्छता का अभियान एक आर्थिक गतिविधि, जी.डी.पी वृद्धि में योगदान, स्वास्थ्य देखभाल खर्च में कमी और रोजगार का एक स्रोत हो सकता है। प्रधानमंत्री के मुताबिक अगर लोग दीपावली पर हर साल अपने घरों की सफाई कर सकते हैं तो इसका विस्तार स्वच्छ भारत अभियान के तौर पर क्यों नहीं किया जा सकता। इस अभियान की शुरूआत महात्मा गांधी के जन्मदिन यानि 2 अक्टूबर से की जाएगी। जिसके तहत साल 2019 तक प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत के निर्माण के संकल्प को पूरा किया जा सके।

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