image_220292
दिल्ली में राजनीतिक अस्थिरता फिलहाल दूर नहीं हो पा रही है। आप के स्टिंग ऑपरेशन से मचे तूफान से सभी दल सकते में हैं। भाजपा ने कलई खुलते देख खुद को इससे अलग कर लिया है पर सूत्र बताते हैें अपने विधायक इस हरकत से न सिर्फ मोदी बल्कि संघ भी अहुत नाराज है। राजनीतिक उठापटक के बीच उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली में सरकार के गठन को लेकर हो रही विधायकों की खरीद फरोख्त की आम आदमी पार्टी के आरोपों पर आज फिलहाल विचार करने से इन्कार कर दिया। आम आदमी पार्टी आप की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता फली एस नरीमन ने न्यायमूर्ति एसएल दत्तू की पांच सदस्यीय संविधान पीठ के समक्ष दलील दी कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा दिल्ली में सरकार गठन को लेकर विधायकों की खरीद फरोख्त जारी है। इस पर संविधान पीठ ने कहा कि वह आज इस मसले पर विचार नहीं करेगी। न्यायमूर्ति दत्तू ने कहा कि संविधान पीठ दिल्ली विधानसभा भंग करके नए सिरे से चुनाव कराने संबंधित विभिन्न संविधानिक पहलुओं पर विचार के लिए बिठाई गई है। विधायकों की खरीद फरोख्त का मामला आगे सुना जाएगा। इससे पहले अतिरिक्त सोलिसिटर जनरल पी नरसिंहमन ने दलील दी कि दिल्ली में सरकार गठन को लेकर कवायद जारी है तथा इस सिलसिले में उपराज्यपाल नजीब जंग ने राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी को पत्र भी लिखा है जिसका जवाब आना अभी बाकी है। केन्द्र सरकार ने सरकार गठन को लेकर किसी अंतिम फैसले तक पहुंचने के लिए अगले माह के अंत तक समय देने का न्यायालय से आग्रह किया।  हालांकि न्यायालय ने मामले की सुनवाई की तारीख 10 अक्टूबर मुकर्रर करते हुए केन्द्र सरकार से कुछ समय तक इस बारे में अपना रुख स्पष्ट करने को कहा। गौरतलब  है कि आप ने दिल्ली में विधानसभा को निलम्बित करके राष्ट्रपति शासन लगाए जाने को चुनौती दी है तथा विधान भंग कराकर यथाशीघ्र चुनाव कराने सम्बन्धी निर्देश देने का न्यायालय से आग्रह किया है।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.