1~05~09~2014~1409893170_storyimageओमाहा। लाइबेरिया में काम करते हुए इबोला से संक्रमित हुए एक डॉक्टर को इलाज के लिए नेब्रास्का के अस्पताल ले जाया जा रहा है। डॉक्टरों ने यह जानकारी दी। ओमाहा स्थित नेब्रास्का मेडिकल सेंटर के अधिकारियों ने बताया कि 51 वर्षीय डॉ रिक सैकरा के आज यहां पहुंचने की उम्मीद है। अस्पताल के 10 बिस्तरों वाले एक विशेष एवं अलग थलग यूनिट में डॉ रिक का इलाज किया जाएगा। अमेरिका की चार ऐसी यूनिटों में यह यूनिट सबसे बड़ी है।
डॉ रिक उत्तरी कैलिफोर्निया के एक चैरिटी अस्पताल एसआईएम से जुड़े थे। अस्पताल के अध्यक्ष ब्रूस जॉन्सन ने कहा कि डॉ रिक का लाइबेरिया में एक अच्छे केंद्र में इलाज किया जा रहा था लेकिन नेब्रास्का की यूनिट में ज्यादा आधुनिक निगरानी उपकरण और उन्नत सुविधाएं हैं।
बोस्टन के रहने वाले डॉ रिक ने दो अन्य मिशनरियों के बीमार होने की खबर मिलने के बाद लाइबेरिया जाने का फैसला किया था। डॉ रिक हालांकि इबोला के मरीजों का इलाज नहीं कर रहे थे। वह गर्भवती महिलाओं के प्रसव में मदद कर रहे थे। इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि उन्हें इबोला वायरस का संक्रमण कैसे हुआ।
इबोला से अब तक 1,900 लोगों की जान जा चुकी है। इबोला वायरस से संक्रमित होने वाले डॉ रिक तीसरे सहायता कर्मी हैं। उनसे पहले डॉ केंट ब्रैंटली और नैन्सी राइटबोल इस बीमारी से संक्रमित हुए और उन्हें इलाज के लिए विमान से अटलांटा के एमॅरी यूनिवर्सिटी अस्पताल ले जाया गया। उनके स्वास्थ्य में सुधार है।

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