sachin1~05~09~2014~1409890154_storyimageमुंबई। दिग्गज क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने अगले साल ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में होने वाले 50 ओवरों के विश्व कप में मौजूदा चैंपियन भारत से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद करते हुए कहा कि दुनिया की नंबर एक वनडे टीम इस कड़ी चुनौती के लिये पूरी तरह तैयार है।
ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री टोनी एबोट की उपस्थिति में ऑस्ट्रेलियाई वाणिज्य दूतावास द्वारा क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित कार्यक्रम में तेंदुलकर ने कहा, विश्व कप अगले साल ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में खेला जाएगा। मेरी 1991-92 दौरे से कुछ अच्छी यादें जुड़ी हैं जब हम ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में खेले थे। मैं सभी को याद दिलाना चाहता हूं कि मौजूदा चैंपियन अपना खिताब बचाने के लिये तैयार है।
इस अवसर पर एबोट को क्लब की आजीवन सदस्यता दी गयी। पिछले साल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने वाले तेंदुलकर ने निश्चित तौर पर भारत के इंग्लैंड में मौजूदा प्रदर्शन के संदर्भ में यह बात कही। भारत ने टेस्ट सीरीज 1-3 से गंवाने के बाद एकदिवसीय सीरीज में जबर्दस्त वापसी की और अभी वह 3-0 की अजेय बढ़त ले चुका है।
भारत अब वेस्टइंडीज की मेजबानी करेगा और फिर दिसंबर जनवरी में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जाएगा। विश्व कप 14 फरवरी से 29 मार्च तक खेला जाएगा। तेंदुलकर ने इसके साथ ही ऑस्ट्रेलिया की अपने शुरुआती दौरों के दौरान महान क्रिकेटर डोनल्ड ब्रैडमैन से उनके 90वें जन्मदिन पर मुलाकात को याद किया।
उन्होंने कहा, शायद वह 1980 या 82 की बात है जब मेरे पड़ोसी ने मुझे सर डॉन का पत्र दिखाया था। मेरे पड़ोसी ने कहा था कि उन्होंने उन्हें पत्र लिखा था जिसका सर डॉन ने वास्तव में जवाब दिया था। मैंने उनके आटोग्राफ को देखा था।
तेंदुलकर ने कहा, उस समय सर डॉन के बारे में जानने के लिये मैं बहुत युवा था। मुझे 19-20 साल पहले उनके बारे में कुछ जानने का मौका तब मिला जब मैं उनके 90वें जन्मदिन पर उन्हें बधाई देने के लिये उनके घर गया था। वह अपनी तरह का बेजोड़ अनुभव था। उन्होंने कहा, मैं वॉर्नी (ऑस्ट्रेलियाई लेग स्पिनर शेन वॉर्न) के साथ वहां गया था और हम दोनों नहीं जानते थे कि क्या कहना है और क्या सवाल करने हैं। वह अनुभव वास्तव में खास था।
तेंदुलकर ने कहा, हमने उनसे पूछा कि आज की क्रिकेट में उनका औसत क्या होता क्योंकि उन्होंने स्वयं कहा था कि अब क्रिकेट में खेल का स्तर बेहतर हो गया है। उन्होंने कहा था कि शायद उनका औसत 70 होता। हमारी नैसर्गिक प्रतिक्रिया थी 70 क्यों 99 (99.94) क्यों नहीं। उन्होंने कहा कि बेटे 90 साल की उम्र के इंसान के लिये यह बुरा औसत नहीं है।
तेंदुलकर ने कहा कि ब्रैडमैन ने जब कहा कि मेरी बल्लेबाजी शैली उनकी शैली से मिलती है तो वह मेरे लिये सबसे बड़ी तारीफ थी। उन्होंने कहा, मुझे अपनी जिंदगी में सबसे बड़ी तारीफ निसंदेह सर डॉन से मिली थी। उन्होंने 1994-95 में अपनी पत्नी से कहा कि मेरी बल्लेबाजी शैली उनकी बल्लेबाजी शैली से मिलती है। मेरे लिये यह उनकी तरफ से यह बहुत बड़ी तारीफ थी तथा सोने पर सुहागा यह रहा कि उन्होंने अपनी सर्वकालिक टेस्ट एकादश में मुझे स्थान दिया।
तेंदुलकर ने इसके साथ ही कहा कि ब्रैडमैन ने जो सर्वकालिक टेस्ट एकादश चुनी थी उसका फ्रेम किया गया फोटोग्राफ उनके घर में है और वह इसे हमेशा अमूल्य निधि की तरह रखते हैं क्योंकि इस महान खिलाड़ी इसमें उन्हें भी शामिल किया था।
उन्होंने कहा, मेरी जिंदगी का वह खास पल था। मेरे पास उस एकादश का फ्रेम किया गया फोटोग्राफ है जो मेरे लिये अमूल्य निधि है।
तेंदुलकर ने उस क्षण को याद किया जब उन्होंने सिडनी में 2007 में ब्रैडमैन के उस बल्ले को पकड़ा जो उन्होंने 30 और 40 के दशक में उपयोग किया था। उन्होंने कहा, मुझे याद है कि 2007 में मैं सिडनी में मैच खेल रहा था जहां वास्तव में मैंने सर डॉन के असली बल्ले को पकड़ा था।
यह कार्यक्रम कुछ युवा क्रिकेटरों को सम्मानित करने के लिये आयोजित किया गया था। इन्हें पूर्व ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री की उपस्थिति में पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर एडम गिलक्रिस्ट और ब्रेट ली ने सम्मानित किया। इस अवसर पर तेंदुलकर ने युवा खिलाड़ियों को याद दिलाया कि उन्हें सही खेल भावना से खेलना चाहिए।
उन्होंने कहा, आप लोगों को यह याद रखने की जरूरत है कि आपको मैदान पर सही खेल भावना से खेलना चाहिए और अपने प्रतिद्वंद्वी का सम्मान करना चाहिए। मेरा मानना है कि खेल आपको जिंदगी में काफी कुछ सिखाता है। इससे आपकी फिटनेस बनी रहती है, आप स्वस्थ बने रहते हैं और इससे आपकी ध्यान लगाने के स्तर में सुधार होता है। मैंने पहले भी कहा था कि आप खेलों में जो सीख लेते हैं वह आप कक्षाओं में नहीं ले सकते हो।

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