jamal khan
बुलेट टे्रन का आना अच्छा है। लेकिन वो कहते हैं न कि अगर हाथी पालना हो तो दरबाजे भी बड़े करने होगे। अभी हमारे सामान्य रेलवे टैक की हालात सुधर नहीं पा रहे हैं महानगरों में मेट्रो का ढांचा ठीक से बना भी नहीं ळैं। हम जापान से तकनीक के साथ कर्ज भी मांग रहे हैं उसे कैसे अदा करेंगे?बर्तन गिरवी रख कर बिरयानी खाना आसान है पर कर्ज चुकाना बहुत मुश्किल होता है। ये सब बाद में जनता को ही चुकाना पड़ेगा। जापान के साथ समझौते में इस बड़े प्रोजेक्ट को सबसे ऊपर रखना मोदी की जल्दबाजी ही कही जा सकती है।

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