vinay
जहां बदलाव होगा वहां आराम होगा ऐसा मान लेना ही सत्य नहीं है। हमारे देश में जहां कोई व्यवस्था नहीं बनी वहां बिना व्यवस्था बनाए इतने बड़े प्रोजक्ट को लाना बेकार है। जब जरूरत महसूस होती है टे्रन की चैन पुलिंग कर दी जाती है कोइ कड़ी व्यवरूथा नही बन सकी आज जक वहा इस टे्रन को लाकर इसका बेड़ा गर्क कराना ही होगा।
विनय समीर

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